कचहरी में ब्लास्ट जैसी घटनाओं के बाद भी न्यायालय में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस सतर्क नहीं है। सुरक्षा में सेंध लगाकर सोमवार को न्यायालय परिसर में घुसे एक वर्दीधारी ने ही पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी।
कचहरी में सुरक्षा का हाल यह है कि गेट से लेकर न्यायालय परिसर के भीतर तक कुछ खास दिनों को छोड़कर सुरक्षाकर्मी नहीं दिखते। बहरहाल पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा में चूक होना माना है और दोषी सुरक्षाकर्मियों पर कार्रवाई के लिए सीओ सिटी को जांच सौंपी है।
जनपद का सिविल कोर्ट कई मायनों में काफी महत्वपूर्ण है। यहां आस पास ही विकास भवन, कलेक्ट्रेट के साथ ही तहसील भी है। इसके चलते यहां पर पूरे जनपद के लोगों का आना जाना लगा रहता है।
न्यायालय में सदर विधायक मुख्तार अंसारी से लेकर कई कुख्यात अपराधियों का मामला चलता है। हालां कि बड़े अपराधियों या सदर विधायक मुख्तार अंसारी के पेशी के दौरान यही पुलिस अलर्ट रहती है लेकिन आम दिनों में न्यायालय परिसर में घुसने पर किसी को काई पाबंदी नहीं है।
कोई भी बेरोकटोक आ जा सकता है। सोमवार को भी कुछ ऐसा ही मामला प्रकाश में आया। नित्य की भांति सोमवार को भी मामूली जांच पड़ताल के बाद सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी बैठे रहे और अरुणाचल प्रदेश में सीएम सिक्योरिटी का जवान प्रेमप्रकाश दुबे अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर लेकर घुस गया और अधिवक्ता पर रिवाल्वर तान दी। कचहरी में आए दिन अपराधियों की पेशी से लेकर उन मुकदमों से जुड़े वादी-प्रतिवादी भी आते रहते हैं।
सुरक्षा के नाम पर यहां पर एक प्लाटून पीएसी के साथ ही न्यायालय पुलिस चौकी में दो एसआई एवं आरक्षी तैनात हैं। इनके जिम्मे ही न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था रहती है। इसके अलावा एलआईयू की भी तैनाती है। एक डोर मेटल डिटेक्टर भी पूर्व में लगाया जाता था और बाडी डिटेक्टर से आने जाने वालों की तलाशी भी की जाती थी लेकिन उसका भी कभी कभार पता चलता है।