क्षेत्र के कोलौरा गांव में मंगलवार की सुबह छोटे सिलेंडर से भड़की आग में मड़ई जलने लगी।फायर ब्रिगेड की दमकलों और ग्रामीणों के प्रयास से आग पर काबू पाया जा सका। मगर मंड़ई में खाना बना रही विवाहिता को बचाया नहीं जा सका। उसके मायके वालों ने पति सहित तीन के विरुद्ध दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
कोलौरा निवासी शशिकांत मजदूरी करते हैं। वह रात का बचा खाना खाकर काम पर चले गए थे। सुबह नौ बजे उनकी पत्नी मंजू (27) छोटे सिलेंडर वाले चूल्हे पर खाना बना रही थी। तभी आग भड़क गई और छप्पर जलने लगा। आग लगने के बाद मंजू घर के बाहर आने के बजाय भीतर की ओर बनी दूसरी मंडई में भाग गई। आग ने दूसरी मंड़ई को भी चपेट में ले लिया।
आग से घिरी मंजू चीखपुकार मचाती रही लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए किसी की भीतर जाने की हिम्मत नहीं हुई। लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचित किया। जब तक आग बुझाई जाती तब तक मंजू की जलने से मौत हो चुकी थी। उसके दो अबोध बच्चे हैं।
आग बुझने के बाद ग्रामीणों ने देखा कि मंजू अनाज रखने वाले ड्रम के पीछे छुपी बैठी थी। पुलिस ने बुरी तरह जल चुके मंजू के शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया। सीओ सिटी पंकज सिंह, तहसीलदार अनिल कुमार के आलावा मुहम्मदाबाद, रानीपुर व चिरैयाकोट थानों की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। अगलगी में गृहस्थी का सारा सामान और 15 हजार रुपये की नकदी जल गई। मौके पर पहुंचे मंजू के मायके वालों ने शशिकांत, उसके भाई जीऊत एवं पप्पू के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।