रतनपुरा बाजार स्थित यूनियन बैंक के तीन खाताधारकों के एकाउंट से 6,57,000 रुपये गबन का मामला प्रकाश में आया है। तीनों किसानों ने बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड बनवाया गया था।
जब वह बैंक में धन निकालने गए तो उनके खाते में पैसा ही नहीं था। किसानों ने इस मामले में बैंक प्रबंधक, कैशियर के अलावा एक संविदा कर्मचारी पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
रतनपुरा यूनियन बैंक में बलिया जनपद के शाह मुहम्मदपुर गांव निवासी रामानंद पुत्र इंद्रदेव सिंह एवं भृगुनाथ और जगदीश का किसान क्रेडिट कार्ड बना है।
इस किसान क्रेडिट कार्ड से जरूरत के अनुसार धन की निकासी कर अपनी खेती बाड़ी का कार्य करते हैं। शनिवार को वे बैंक से धन निकालने के लिए गए थे,
जब उन्होंने धन निकालने के लिए कैशियर को फार्म भरकर दिया तो पता चला कि खाते में रुपये ही नहीं है। एक ही दिन तीन किसानों के खाते से धन गायब होने पर सभी सन्न रह गए।
इस दौरान पीड़ितों ने बैंक प्रबंधक से जानकारी ली, पता चला कि एटीएम के माध्यम से उनके खाते से कई बार में 6,57,000 रुपये निकाली गए हैं।
जबकि खाताधारकों का कहना है कि उन्होंने धन निकालने के लिए एटीएम का प्रयोग किया ही नहीं । बैंक प्रबंधक द्वारा हाथ खड़ा कर दिए जाने पर इस संबंध में तीनों किसानों ने संयुक्त रूप से हलधरपुर थाने में तहरीर दी।
रामानंद की तहरीर पर बैंक प्रबंधक, कैशियर सहित एक अन्य संविदा कर्मचारी पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया। इस संबंध में थानाध्यक्ष देवेंद्र सिंह का कहना है कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
मामले की विवेचना के बाद जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में बैंक प्रबंधक तरुण कुमार का कहना है कि किसान क्रेडिट बनने का मामला उनके कार्यकाल का नहीं है।
मामले की शिकायत मिली है। इसकी बैंक स्तर से भी जांच कराई जाएगी लेकिन तीनों किसानों का पैसा एटीएम से गायब है। कई बार में किसी के द्वारा तीनों खातों से खरीदारी एवं पैसा निकाला गया है।