विकास खंड रानीपुर क्षेत्र के ग्राम सभा रानीपुर में मनरेगा में जमकर धांधली की गई। अपात्रों को जाबकार्ड धारक बनाकर मजदूरी का धन हड़पा गया, वहीं गांव में कई काम फर्जी दर्शाकर भुगतान हड़प लिया गया।
हालांकि प्रकरण की जांच कर रहे जांच अधिकारी एआर कोआपरेटिव ने शिकायत को गलत ठहराते हुए किसी धांधली से इनकार किया। शिकायतकर्ता अब मंडलायुक्त से अन्य जांच अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराए जाने की गुहार लगा रहा है।
शिकायतकर्ता रणवीर सिंह का कहना है कि स्वयं उनके खेते के समतलीकरण के नाम पर धन हड़पा गया है। जबकि उनके खेत का कोई समतलीकरण कार्य हुआ ही नहीं। जबकि कार्य के नाम पर 30, 480 रुपये का भुगतान करा लिया गया।
इसी तरह गांव में एक मार्ग के निर्माण के नाम पर दो बार भुगतान करा लिया गया। नियम है कि ग्राम पंचायत में कोई सड़क बनती है
तो इस पर पांच वर्ष तक कोई काम नहीं होगा, लेकिन 2011 में 91,689 रुपये की लागत से बने इस मार्ग का 2013 में पुनर्निर्माण दिखा कर 83,496 रुपये का भुगतान करा लिया गया गांव में प्रधान के दरवाजे पर दो सोलर
लाइट के अलावा कहीं भी लाइट नहीं दिखती, लेकिन ठेकेदार को 66 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया। एक दूसरे ग्राम पंचायत फत्तेपुर में लगे सोलर लाइटों के नाम पर भुगतान किया गया। जांच अधिकारी ने इस संबंध में
अपनी आख्या में लिखा है कि चूंकि सोलर लाइट लगाने वाला ठेकेदार फत्तेपुर का निवासी है, इसलिए ठेकेदार के नाम से भुगतान किया गया। ग्राम सभा रानीपुर में हुए
सरकारी धन के घपले के बारे में गांव के रमाकंात सिंह, खरपत्तू राम, रामकृत राम आदि ने डीएम को शपथपत्र देकर इसकी शिकायत करते हुए किसी अन्य अधिकारी से निष्पक्ष जांच की मांग की है।