प्लान बदलकर रुपया जमा होने से नाराज एक उपभोक्ता और उसके परिवार के सदस्यों ने जिला मुख्यालय स्थित निजी बैंक पर पहुंचकर बैंक कर्मचारियों पर कई आरोप लगाए। इस दौरान उपभोक्ता रुपये की वापसी की मांग करते हुए अ़ड़ गए। उपभोक्ता के परिवार के सदस्यों के सूचना देने पर बैंक में पुलिस पहुंची। पुरी बात सुनने के बाद पुलिस के हस्तक्षेप पर मामला शांत हुआ। इस दौरान प्रबंधक ने उपभोक्ता और उनके परिवार के सदस्यों को गुरुवार की दोपहर तक रुपया वापसी की तिथि बताने का वादा किया है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के चांदमारी इमिलिया मुहल्ला निवासी पुष्पा सिंह स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत थी। सेवानिवृत्त के बाद उन्होंने मिले फंड आदि के 25 लाख रुपये को एक बैंक में एक वर्ष के लिए फिक्स डिपाजिट करने का मन बनाया। इस दौरान उनके साथ उनका पुत्र अंशुमान भी था। पुष्पा का आरोप है कि बिना उनकी सहमति के बैंक ने उनके रुपये को फिक्स करने की बजाय पेंशन स्कीम में डाल दिया। जब बांड नहीं आया तो उनकी पुत्री ने इसकी जानकारी कस्टमर केयर से किया। इस दौरान पता चला कि रुपया पेंशन स्कीम में लगाया गया है। इस पर वो शाखा प्रबंधक से शिकायत की। महिला उपभोक्ता की बातों को सुनने के बाद शाखा प्रबंधक ने उन्हे स्कीम खत्म करके रुपया वापस दिलाने का आश्वासन दिया। लेकिन पुष्पा और उनके परिवार के सदस्य इस पर अड़े रहें कि रुपया आज ही चाहिए। इस दौरान उपभोक्ता के परिवार के सदस्यों के द्वारा फोन किए जाने पर बैंक में डायल 100 के साथ चौकी प्रभारी सारहू सुभाष यादव भी पहुंचे। दोनों पक्षों की बातों को सुनने के बाद पुलिस ने बैंक प्रबंधक को कहा कि वो पीड़ित को लिखित दें कि उनका रुपया कितने दिनों में वापस उनके खाते में आ जाएगा। शाखा प्रबंधक के द्वारा गुरुवार को लिखित दिए जाने का आश्वासन दिए जाने पर मामला शांत हुआ।