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खुले में कचरा डंप, फिर आग लगाकर किया जा रहा नष्ट

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नगर पंचायत की सफाई व्यवस्था एक बार फिर बेपटरी हो गई है। स्वच्छता सर्वेक्षण को आठ माह बीत चुके हैं। बावजूद नगर पंचायत द्वारा स्वच्छता को लेकर कोई जागरूकता नहीं दिखा रही है। वार्डो से निकलने वाले कचरे को सफाईकर्मी खुले में डंप कर जला रहे हैं। जहरीले धुएं से न केवल नगर की आबोहवा दूषित हो रही, बल्कि शहरवासियों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर डाल रहा है।
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घोसी नगर पंचायत के 18 वार्डो में साफ सफाई की व्यवस्था के लिए 80 सफाई कर्मचारियों की तैनाती है। जहां इनके द्वारा वार्डो से रोजाना 80 से 85 टन कचरा संग्रहित किया जाता है, लेकिन कचरा डपिंग ग्रांउड के अभाव में कचरा नगर के इमामबाड़े, बड़ा गांव रेलवे क्रासिंग के पास के पोखरे, टाउन एरिया के पीछे, कोतवाली परिसर के पीछे डंप किया जा रहा है। उधर दीपावली पर घरों से साफ सफाई के बाद कचरा बढ़ने पर नगर पंचायत द्वारा सोमवार को वार्ड 7 के इमामबाड़ा में डंप कचरा को जला दिया गया। बिना प्रासेस के कचरा जलाने के चलते जहरीले धुंआ से लोग रात भर परेशान रहे। इस बारे में शिकायत करते हुए स्थानीय निवासी खालिद सैफुल्लाह, माहे आलम, तारिक और रिजवी ने बताया कि नगर पंचायत द्वारा जलाए गए कचरे के चलते रात भर उनके बच्चों और औरतों की तबियत खराब रही। जहरीले धुंआ घरों में घुसने से बच्चे इससे ज्यादा प्रभावित रहे। कई बच्चों ने इस जहरीले धुएं के चलते उलटियां तक कर दीं। जब कूड़ा अधिक होता है तो कर्मचारी बिना आगा पीछा सोचे इसमें आग लगा देते हैं। जिससे निकलने वाला धुआं लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
इस बाबत अधिशासी अधिकारी वनित कुमार ने बताया कि जमीन न होने के चलते खुले में कचरा तो डंप किया जा रहा है। लेकिन उसे जलाया नहीं जाता है। अगर ऐसा हुआ तो है उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। इस संबंध में जानकारी लेंगे।
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