घोसी। घोसी कोतवाली के पिड़वल मोड़ स्थित इलाहाबाद बैंक के खाता धारक सुमित्रा पत्नी जीता राजभर निवासिनी हाजीपुर द्वारा सोमवार को मैनेजर सहित कर्मचारियों पर रु 5 लाख 96 हजार फर्जीवाड़ा के दर्ज मुकदमे में वाराणसी से आई जांच टीम को एक प्राइवेट बैंक के फ्रेंचाइजी द्वारा लाखों रुपये धोखाधड़ी से निकलने का मामला प्रकाश में आया है।
जांच टीम को प्रारंभिक रूप से विभिन्न खातों से आठ लाख से ऊपर गोरखपुर स्थित यस बैंक के बीसी प्वाइंट से निकलने का अनुमान है। कोतवाली पुलिस दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही थी। कोतवाली में सुमित्रा देवी पत्नी जीता राजभर निवासिनी हाजीपुर के द्वारा इलाहाबाद बैंक कल्यानपुर के शाखा प्रबंधक, कैशियर सहित अन्य के विरुद्ध रु पांच लाख 96 हजार खाता से कई बार में निकलने के मुकदमा के बाद रिजनल कार्यालय वाराणसी से जांच के लिए आई रश्मि कुमारी, सत्येंद्र सिंह की टीम ने जब मंगलवार को बैंक पहुंच कर जांच किया तो उसको चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पाया कि शौचालय के साथ अन्य सुविधा दिलाने के नाम पर बेलापर हाटा बाजार गोरखपुर निवासी एक व्यक्ति पिड़वल मोड़ आकर वहा कूकर, टार्च की रिपेयर करने वाले दुकानदार रामसनेह निवासी हाजीपुर को शौचालय के फार्म पर लोगों के अंगूठा लगवा कर देने पर प्रतिफार्म पांच रुपये मिलेंगे। इस पर उसमें हाजीपुर, कल्यानपुर, मानिकपुर, जमीन हाजीपुर के अनपढ़ दो दर्जन से अधिक लोगों से दिए गए फार्म पर अंगूठा लगवा कर दे दिया। इसके बाद उक्त फार्म को गोरखपुर स्थित यस बैंक के बीसी पॉइंट को दे दिया। उसने इलेक्ट्रॉनिक साधन तथा टेक्नॉलजी का प्रयोग कर हाजीपुर निवासी सुमित्रा देवी के खाते से रु5.96 लाख, सावित्रीदेवी के खाते से रु 40 हजार, दीपचंद्र के खाते से 22500, शीला देवी के खाते से आठ हजार, पुष्पा देवी के खाते से 9500 चंद्रकेतु के खाते से 50 हजार, शांति देवी के खाते से आठ हजार के साथ कुवारी देवी आदि के खातों से रुपया ट्रांसफार्मर कर लिया। जांच अधिकारी रश्मि ने बताया कि अभी प्रारंभिक जांच में पता चला है। लोगों को सजग किया कि बैंक के किसी भी फार्म या अन्य कागज पर किसी से पूछ कर या बैंक से संपर्क कर ही अंगूठा या हस्ताक्षर करें। खाताधारकों के धन के सुरक्षा का विश्वास जताया। कोतवाल परमानंद मिश्रा ने बताया कि इलाहाबाद बैंक के जांच टीम द्वारा कागजात मिला है, कार्यवाही होगी।