रतनपुरा। हलधरपुर थाना क्षेत्र के नसीराबाद कला गांव स्थित रिश्तेदारी में आए फर्जी एसीजेएम का चालान पुलिस ने मंगलवार को कर उसे सीएजेएम मऊ के कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद उसे जेल भेजा। पकड़े गए युवक ने अपना नाम पता बताने में पुलिस को खूब छकाया। जेल भेजा गया फर्जी एसीजेएम सुनील कुमार मिश्र हलधरपुर के रतनपुरा चौकी पुलिस को झांसे में लेकर उसकी सेवाएं लिया था, और अपनी रिश्तेदारी में आई बारात में पहुंच गया था। युवक की गतिविधियों पर शंका होने पर जब पुलिस ने उससे पूछताछ करनी शुरू किया तो उसने पुलिस को खूब छकाया। पहले उसने अपने को प्रतापगढ़ जिले का निवासी तथा नाम विनय कुमार सिंह बताया फिर बाद में जौनपुर जिले के मड़ियाहू थाना क्षेत्र का निवासी बताया। इसी दौरान वहां मौजूद मड़ियाहू थाना क्षेत्र के सिपाहियों ने पूछा कि मड़ियाहू में किस गांव के रहने वाले हो तो वह नहीं बता पाया। घंटों की पूछताछ के बाद उसने अपना असली नाम सुनील कुमार मिश्र तथा इलाहाबाद जिले के आयपुर का निवासी बताया। पुलिस ने इस नटवर लाल को तस्दीक करने के बाद उसके विरुद्घ धोखाधड़ी की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई। साथ ही चालान कर उसे जेल भेजने के लिए कोर्ट में पेश किया। पुलिस की पूछताछ में यह भी बात सामने आई कि सुनील अपने को एसीजेएम बताकर कई स्थानों पर पुलिस की सेवाएं ले चुका है। लेकिन इस बार वह पुलिस की नजरों से खुद को नहीं बचा पाया। इतना ही नहीं जिस रिश्तेदारी में वह अपना रुतबा बढ़ाने के लिए फर्जीवाड़ा का सहारा लिया, उसी रिश्तेदारी में पकड़े जाने से उसके रिश्तेदार को शर्मिंदगी उठानी पड़ी। नसीराबाद कला गांव के लोग मंगलवार को यह चर्चा करते देखे गए कि वास्तव में पुलिस ने बारात से जिस सूझ बूझ से काम लिया उससे काफी लोगों को युवक की करतूतों का पता नहीं चल सका अन्यथा प्रकरण दूसरा रूप भी ले सकता था।