मऊ। सीमित सड़क पर दिन प्रति दिन बढ़ते वाहनों के के बोझ के साथ भागम-भाग की दिनचर्या का परिणाम है कि लगभग हर दिन सड़क दुर्घटना की घटनाएं हो रही हैं। इसके बाद भी लोग हेलमेट के प्रति चेत नहीं रहे। आए दिन होने वाली घटनाओं में मरने वालों की संख्या में इजाफा भी हो रहा।
पुलिस अधीक्षक ललित कुमार सिंह ने बताया कि वैसे तो लगभग हर दिन वाहन चेकिंग का कार्य किया जाता है। लेकिन अब खासतौर से हेलमेट के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए सोमवार से अभियान शुरू किया जाएगा। इसमें यातायात विभाग के साथ-साथ जिले के हर थाने की पुलिस शामिल होगी।
सड़क पर बढ़ते वाहनों के बोझ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरटीओ दफ्तर में बरवक्त एक लाख 70 हजार दो पहिया वाहन पंजीकृत हैं। अन्य छोटे बड़े वाहनों को इस संख्या में जोड़ दिया जाए तो मऊ जिले में वाहनों की संख्या दो लाख की संख्या को पार कर जाएगी। सड़क हादसे की बीते छह माह के आंकड़ों पर नजर डालने पर पता चला कि छह माह के अंदर जिले में सड़क दुर्घटना की 112 घटनाएं हुई हैं। इसमें 74 लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा। जबकि 93 लोगों को घायलावस्था में उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि यातायात विभाग और पुलिस ने समय समय पर अभियान चलाकर लोगों को जागरुक करने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस ने तीन सवारी में 1038 का चालान कर उन पर जुर्माने का निर्धारण किया। इसके अलावा बिना हेलमट के बाइक संचालन करने पर 3675 का चालान किया गया है।
यातायात प्रभारी निरीक्षक पंकज सिंह ने बताया कि जिले में 16 स्थानों को डेंजर जोन के रुप में चिन्ह्ति कर वहां पर लोगों को अलर्ट करने के लिए संकेतक लगाए गए है। ताकि उस क्षेत्र से गुजरने के दौरान लोग वाहन की स्पीड को नियंत्रित रखें। पुलिस अधीक्षक ललित कुमार सिंह ने बताया कि वैसे तो हर दिन अभियान चलाया जाता है, लेकिन कल से हेलमेट के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए खास कार्रवाई और चेकिंग कराई जाएगी। बोले यह अभियान लगातार चलेगा।