मुंबई के रहने वाले इंतेखाब अहमद और अंसार अहमद नाम के दो सगे भाईयों ने अपने नाम से मऊ से असलहे का फर्जी लाइसेंस बनवा डाला। खुद का मऊ का निवासी बताकर उन्होंने फर्जी दस्तावेज भी बनवा लिया और इसी के आधार पर उनका लाइसेंस भी जारी हो गया। अब जब मोहल्ले के एक व्यक्ति ने इसकी शिकायत दर्ज कराई तो मामले का जांच पड़ताल के बाद खुलासा हुआ। जांच के उपरांत दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर घोसी कोतवाल ने दोनों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
दर्ज मुकदमे के अनुसार घोसी नगर के हमीदपुर निवासी इमरान खान ने मोहल्ले के दो लोगों के नाम से असलहे का लाइसेंस जारी होने की शिकायत प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश से अक्टूबर माह में की थी। उसका दावा था कि मोहल्ले जिन दो व्यक्तियों के नाम से लाइसेंस बना है वह यहां के है ही नहीं बल्कि वह मुंबई के रहने वाले हैं। शासन के आदेश पर इसकी जांच मऊ पुलिस को मिली। घोसी कोतवाल डीके श्रीवास्तव ने इस मामले की जांच पड़ताल की तो हमीदपुर में इंतेखाब अहमद एवं अंसार अहमद पुत्रगण नेसार अहमद नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला। जांच पड़ताल में यह भी प्रकाश में आया कि दोनों मुंबई के वैशाली नगर योगेश्वर के रहने वाले हैं। दोनों ने घोसी से हमीदपुर मोहल्ले से फर्जी राशन कार्ड, ड्राइबरी लाइसेंस एवं कुटुंब रजिस्टर की फर्जी नकल प्राप्त करके अपने पिस्टल का लाइसेंस बनवा लिया और असलहा भी खरीद लिया। जांच में मामला गंभीर पाए जाने पर कोतवाल डीके श्रीवास्तव ने मुकदमा दर्ज किया। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी अरशद जमाल सिद्दीकी का कहना है कि जांच में दो व्यक्तियों के विरुद्ध असलहा का लाइसेंस फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बना पाया गया है। मामला गंभीर होने पर दोनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही है। दोनों की गिरफ्तारी का प्रयास भी किया जा रहा है।