हलधरपुर थाना क्षेत्र के मुहवामोड़ विजयगढ़ में 27 सितंबर को निजी बस के धक्के से घायल टेंपो सवार दो स्कूली बच्चों अखिलेश और रीतेश की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। बीएचयू के ट्रामा सेंटर में भर्ती अभी भी वे दोनों बच्चे खतरे से बाहर नहीं आ सके हैं। दो अधिकारी उन बच्चों की देख रेख के लिए तैनात किए गए हैं। इधर उपद्रव में शामिल 13 नामजद आरोपियों में मुख्य आरोपी को पुलिस एक हफ्ते बाद तक पुलिस गिरफ्तार कर पाने में नाकाम है। तीन मुकदमों में आरोपी बनाए गए नौ सौ लोगों की पहचान करने में पुलिस दिन रात एक किए हुए है। जबकि अज्ञात उपद्रवी एफआईआर से अपने नाम निकलवाने के प्रयास में हैं।
भरोसेमंद सूत्रों की मानें तो कई ऐसे लोग भी नाम निकलवाने की जुगत में लगे हैं, जिनकी गतिविधियां पुलिस के वीडियो में दिख रही हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि उपद्रव का मुख्य सूत्रधार को भी गिरफ्त में ले पाने में पुलिस सात दिन बाद तक नाकाम है। इसके चलते लोग पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने लगे हैं। उपद्रव में जिन 13 आरोपियों को नामजद किया गया है उनमें से भी महज चार को पुलिस गिरफ्तार कर पाई है। हालांकि इस बाबत एएसपी एसके श्रीवास्तव का कहना है कि आरोपी उपद्रवियों का नाम निकालने के आरोप सर्वथा मिथ्या हैं। पुलिस सभी आरोपियों की पहचान कर रही है। सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी। सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। कहा कि नाम निकालने की अगर ऐसी शिकायत मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी।
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एक हफ्ते से बंद है विद्यालय
मऊ। उपद्रव के बाद से ही डीडी पब्लिक स्कूल बंद चल रहा है। हफ्तेभर से बंद विद्यालय कब खुलेगा, यह अभी अनिश्चित है। अभिभावक अपने बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंतित हैं। लेकिन विद्यालय प्रबंधन अभी स्कूल खोलने का साहस नहीं जुटा पा रहा है। वैसे प्रबंधक परशुराम भारद्वाज का कहना है कि वह अभी घायल बच्चों के इलाज पर ध्यान दे रहे हैं। जब बच्चों की हालत में कुछ सुधार दिखने लगेगा तो स्कूल खोला जाएगा।