मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक वीरनायक सिंह ने गैरइरदातन हत्या के प्रयास के मामले में सुनवाई के बाद मंगलवार को पिता पुत्र सहित चार को दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही पांच-पांच हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड अदा हो जाने पर दस हजार रुपया वादी मुकदमा शिवकुमार को तथा दो हजार रुपया अकली देवी को देने का आदेश दिया। मामला दोहरीघाट थाना क्षेत्र का है। मामले के अनुसार, दोहरीघाट थाना क्षेत्र के अवराडीह गांव निवासी शिवकुमार पुत्र गारद की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का आरोप था कि पुरानी रंजिश को लेकर तीन दिसंबर 2011 को उसके गांव के ही आरोपीगण रामनवल पुत्र नरेश, अरविंद पुत्र रामनवल, राजेंद्र और रविंद्र पुत्रगण सुरेश ने मिलकर उसे और उसकी पत्नी मुनाकी तथा मां अगली देवी को मारपीट कर घायल कर दिया। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी रामध्यान पांडेय ने छह गवाहों को पेश किया। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्को को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण रामनवल, अरविंद, राजेंद्र और रविंद्र को दोषी पाया। सभी को तीन-तीन वर्ष की सजा के साथ पांच-पांच हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया। वही मारपीट के मामले में छह-छह माह की सजा का निर्णय सुनाया।