हलधरपुर थानें की पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर बुधवार की शाम को थाने में नगवा गांव के प्रधान और सचिव के विरूद्घ 12 लाख साठ हजार रुपया गबन करने की धारा में रिपोर्ट दर्ज किया। नामजद प्रधान और सचिव पर आरोप लगाया गया कि दोनों ने मनरेगा की योजना के तहत गांव में विकास कार्य करने के लिए धन तो बहरित किया, लेकिन उसका दुरुपयोग कर उसे हड़प लिया। बताते चले बीते वर्ष अमर उजाला ने इस फर्जीवाड़े को उजागर किया था। इस दौरान डीएम ने जांच कराई। जांच के बाद नामजद किए गए लोगों के दोषी पाए जाने पर डीएम ने रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया। लेकिन किन्ही कारणों से प्रशासन मौन साध लिया। रतनपुरा विकास खंड के नगवा गांव निवासी गिरजाशंकर सिंह ने डीएम के आदेश का क्रियांन्यवयन न होने पर कोर्ट का सहारा लिया। इस दौरान कोर्ट ने पूरे मामले की सुनवाई करने के बाद प्रधान रमेश चौहान, सचिव वीरेंद्र राम और तकनीकी सहायक रविंद्र सिंह यादव के विरुद्घ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश जारी किया। इस बात की जानकारी होने पर ब्लाक के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। बताते चले नगवा गांव में मनरेगा की धनराशि से विभिन्न विकास कार्य कराने के लिए धनराशि अवमुक्त की गई थी। इसमें एक पोखरी खुदाई का मामला उजागर हुआ। इसके बाद से गांव निवासी गिरजा शंकर सिंह ने पूरे मामले को निकाला। जिसे नवंबर माह में अमर उजाला ने प्रकाशित किया था। इसके बाद जांच आख्या आने के बाद डीएम ने रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया। लेकिन बाद में राजनैतिक हस्तक्षेप के चलते मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।