अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक वीरनायक सिंह ने आठ वर्षीय बालिका के साथ दुराचार करने के मामले में आरोपी को दोषी पाते हुए 12 वर्ष की सजा के साथ ही 50 हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड की राशि में से 40 हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
मामला कोतवाली घोसी क्षेत्र का है। मामले के अनुसार वादी मुकदमा की आठ वर्षीय बालिका के साथ आरोपी ने 10 जुलाई 2015 को दुराचार किया। वादी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मानिकपुर गांव निवासी रामसुंनर चौहान पुत्र झगडू चौहान के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी तथा अधिवक्ता गनी अहमद और सतीश मौर्य ने पांच गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा।
बचाव पक्ष ने दलील दी कि उसे झूठा फंसाया गया है। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद रामसुंनर चौहान को दुराचार का दोषी पाते हुए 12 वर्ष की सजा के साथ ही 50 हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड जमा हो जाने पर उसमें से 40 हजार रुपये बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता को देने का आदेश दिया।