मऊ। पार्टी के नेता और गरीबों के लिए सदैव संघर्ष करने वाले चितरंजन के निधन पर शनिवार को पार्टी कार्यालय पर शोकसभा का आयोजन किया गया। इस दौरान भाकपा माले के जिला सचिव बसंत कुमार ने कहा कि चितरंजन प्रयागराज में छात्र राजनीतिक जीवन काल से ही गरीबों मजदूरों मजलूम के हक इंसाफ की लड़ाई लड़ने का काम किए। उन्होंने वकालत छोड़ कर पूरी तरह से सामाजिक और राजनीतिक काम करने का फैसला किया। इसके लिए उन्होंने भाकपा माले की राजनीति को स्वीकारा और मजबूती के साथ साथ अंत तक खड़े रहे। कुछ दिनों में वो पीयूसीएल से जुड़कर मानवाधिकार और उत्पीड़न दमन के खिलाफ पूरे प्रदेश और देश के लिए मजबूत आवाज बन गए थे। श्रद्धांजलि सभा में कामरेड राजेश सिंह कामरेड इंद्रदेव राम कामरेड दुर्ग विजय, मुन्ना, सिंटू, मनोज आदि उपस्थित रहे।