अमिला नगर के मुख्य मार्ग पर रात में घूमते छुट्टा गोवंश। संवाद
अमिला नगर पंचायत के विस्तारीकरण के तीन वर्षों बाद भी गोवंश की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। 1.84 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित गोशाला निर्माण कार्य आठ माह से अधर में लटका हुआ है।
गोवंश की बढ़ती संख्या से जहां किसान परेशान हैं, वहीं राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है। अमिला नगर पंचायत के वार्ड संख्या-8 झारखंडे नगर में लगभग 1 करोड़ 84 लाख रुपये की लागत से आठ माह पहले गोशाला निर्माण कार्य शुरू कराया गया था।
शुरुआती दिनों में निर्माण कार्य तेजी से चला और करीब 45 प्रतिशत कार्य पूरा भी हो गया, लेकिन इसके बाद काम पूरी तरह ठप पड़ गया।
रमेश, राजू, कृष्णमोहन और अनुराग का कहना है कि गोशाला का निर्माण अधर में लटकने से गोवंश की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। छुट्टा पशु किसानों की मेहनत की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
अमिला नगर पंचायत की चेयरमैन सविता देवी का कहना है कि गोशाला निर्माण के लिए पहली किश्त मिलने के बाद कार्य शुरू कराया गया था। दूसरी किश्त अभी तक जारी नहीं हुई है, जिसके कारण निर्माण कार्य रुका हुआ है। जैसे ही धनराशि प्राप्त होगी, निर्माण कार्य पुनः शुरू कराकर निर्धारित समय में पूरा कराया जाएगा।