लाकडाउन के बाद खुली दीवानी कचहरी गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग कराने के लिए कतार में खड़े अधिवक्ता।
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मऊ । लॉक डाउन के चलते लगभग डेढ़ माह से बंद कचहरी शुक्रवार को खुली, लेकिन सीमित अदालतों में कामकाज शुरू हुआ। इस दौरान लंबित और नियमित जमानत प्रार्थना पत्रों के साथ ही नए जमानत प्रार्थना पत्रों की सुनवाई हुई। अधिवक्ताओं की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान वादकारियों को बाहर रोका गया था। पहले दिन विभिन्न कोर्टो में जमानत के कुल 23 प्रार्थना पत्र दाखिल हुए। इसमें एक का निस्तारण हुआ। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार शाही ने बताया कि जिला जज के न्यायालय में लंबित एक भी मामले का निस्तारण नहीं हो सका। लेकिन तीन नए जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल हुए। वही पास्को कोर्ट, विशेष न्यायाधीश एससी /एसटी कोर्ट, विशेष न्यायालय गैंगस्टर एक्ट और विशेष न्यायाधीश विद्युत एक्ट के न्यायालय में न तो कोई जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल हुआ न ही सुनवाई हुई। वहीं, विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट के न्यायालय में एक जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल हुआ। इस दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में विभिन्न प्राकृतिक 19 नए जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल हुए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विनोद शर्मा ने एक जमानत प्रार्थना पत्र का निस्तारण किया। शेष मामलों में 11 मई की तिथि नियत की। किन्नूपुर गांव निवासी गनपत ने कहा कि आज वो लंबित मामले की जानकारी करने के लिए आए थे, लेकिन अंदर जाने को नहीं मिला। सलहाबाद निवासी सनधन यादव ने बताया कि वकील ने बुलाया था। लॉक डाउन में सीज हुए वाहन को छुड़ाने के लिए कचहरी पहुंचे अछार गांव निवासी प्रमोद ने बताया कि अंदर प्रवेश न मिलने के कारण वापस लौटना पड़ रहा। बोले कल बाहर की किसी वकील को जरूरी कागजात देंगे। हलधरपुर बाजार निवासी राधेश्याम चौहान भी वाहन को रिलीज कराने के लिए कचहरी आए थे। लेकिन उनका काम नहीं हो सका।