पुलिस परिवार परार्मश केंद्र की बैठक रविवार को अपर पुलिस अधीक्षक शिवाजी की अध्यक्षता में पुलिस लाइन स्थित मनोरंजन कक्ष में हुई। इसमें 33 पारिवारिक मामले आए जिसमें परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से दस मामलों का निस्तारण हुआ।
इस दौरान सात जोड़ो के विवादों का निस्तारण किया गया। सभी आपसी मतभेद भुलाकर साथ-साथ रहने को तैयार हो गए। जिसके चलते 14 परिवारों में उनकी खुशियां एक बार फिर लौट आई। शेष मामलों में बैठक की अगली तिथि 20 अगस्त 2017 नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया।
परिवार परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से रीता सिंह और सुरजीत, शहरतुन्नेशा और इफ्तेखार, अनिता यादव और अजीत यादव , शशिभारती और दुर्गविजय, सोमारी देवी और मुन्नी देवी, बेबी सिंह और दयाशंकर सिंह तथा मुन्नी देवी और रामसदन ने अपना-अपना सभी मतभेद भुलाकर साथ-साथ रहने को तैयार हो गए। ऐसे में इनकों साथ रहने के लिए प्रार्थनापत्र लेकर मामल का निस्तारण किया गया।
वही शीला और केदार, कंचन और पारस तथा फरहत जेवा और शमशाद के मामले में पक्षकारों के लगातार अनुपस्थिति और सुलह समझौता में रुचि न लेने के चलते पत्रावली निस्तारित कर दी गई। इस प्रकार सात जोड़ो के सभी मतभेद भुलाकर साथ-साथ रहने को राजी हो जाने से 14 परिवारों के बीच बिगड़ रहे रिश्ते बन जाने से उनकी खुशिया एक फिर लौट आई।
इस दौरान 11 मामलों में एक-एक पक्षकार उपस्थित हुए तथा 12 मामलों में कोई पक्षकार हाजिर नहीं हुआ। जिसमें चलते इन सभी मामलों में बैठक की अगली तिथि 20 अगस्त 2017 नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया।
बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक शिवाजी के अलावा परामर्श केंद्र के सदस्यगण अर्चना उपाध्याय, विनोद कुमार सिंह, इब्राहिम सेवक, डा. एमए खान के अलावा महिला आरक्षी मृदुला मौर्या ने मामलों के निस्तारण में योगदान दिया। इस मौके पर काफी संख्या में पक्षकार और उनके परिजन उपस्थित रहे।