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कटान रोकने का नहीं हो सका उपाय

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मधुबन के धर्मपुर बिशुनपुर के बिंटोलिया नयी बस्ती में घाघरा नदी से हो रही कटान।संवाद - फोटो : MAU
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दुबारी। धर्मपुर बिशुनपुर के बिंटोलिया नयी बस्ती पुरवा पर सरयू नदी कहर ढाने को बेताब है। ऐसे में जहां कटान पीड़ितों ने निकट के विद्यालय में शरण ले ली है तो वहीं प्रशासन स्तर से कटान रोकने का कोई उपाय अब तक नहीं किया जा सका है। कटान तेज होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। नदी के जद में आने से 50 परिवार अब विद्यालयों में शरण ले चुके हैं। नयी बस्ती के कटान पीडित घर के सामानों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने लगे हैं। नदी का जलस्तर घटने के बाद भी कटान की रफ्तार तेज होने से लोगों को नदी के कहर बरपाने की चिंता सताने लगी है। नदी का जलस्तर हाहानाला परसिया जयराम गिरी रेगुलेट पर घटकर सोमवार को 64.60 मीटर पर आ गया है। जबकि रविवार को यह 64.70 मीटर पर था। कटान जारी रहने से नयी बस्ती पुरवा लगभग 90 प्रतिशत कटकर नदी में विलीन हो जाने से ग्रामीण दहशत में जी रहे हैं। कटान पीडित जनता शिक्षा निकेतन इंटर कालेज दुबारी, प्राथमिक विद्यालय खैरा, प्राथमिक विद्यालय धर्मपुर बिशुनपुर टाडी़ आदि में पहुंच चुके हैं। दोहरीघाट : दो दिनों से निरंतर बढ़ाव पर रहे सरयू नदी के जलस्तर में सोमवार को कमी आ गई। नदी के जलस्तर में पिछले 24 घंटे में 40 सेंटीमीटर की कमी आने से लोगों ने राहत की सांस ली है लेकिन खतरा अभी कम नहीं हुआ है। नदी के घटने बढ़ने का क्रम जारी रहने से उसके किसी भी समय अचानक काफी बढ़ जाने से तटवर्ती इलाकों में खतरा अभी बरकरार है। सोमवार को गौरी शंकर घाट पर नदी का जलस्तर 68.85 मीटर रहा जानकारों का मानना है कि नदी के जलस्तर में आई यह कमी स्थाई नहीं है। अनुमान है कि फौरी तौर पर जलस्तर में कमी भले ही आ गई हो लेकिन कसबे की ऐतिहासिक इमारतों पर खतरा अभी भी बरकरार है। क्योंकि जलस्तर में कमी आने पर ही कटान में तेजी आती है।
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