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अनुदान पर किसानों को मिलेगा सोलर पंप

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मऊ। अब किसानों को महंगा डीजल खरीदकर खेतों की सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। साथ ही आधी अधूरी सिंचाई का कारण बन रही बिजली कटौती का डर भी नहीं रहेगा। खेती की लागत कम करने तथा डीजल पंपों से निर्भरता खत्म करने के लिए सरकार ने किसानोें के लिए प्रधानमंत्री कुसुम योजना शुरु की है।82 सोलर पंप के लक्ष्य के मुकाबले 164 आवेदन आ चुके हैं। जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पोर्टल पर 2.70 लाख किसान पंजीकृत हैं। सरकार की तरफ से किसानों की आमदनी को दुगुना करने के लिए प्रधानमंत्री कुसुम योजना शुरू की गई है। योजना के तहत अनुदान पर सोलर पंपों का वितरण किया जा राह है। अनुदान पर सोलर पंप हासिल करने के लिए किसानों को कृषि विभाग की वेबसाइट यूपी एग्रीकल्चर डॉट कॉम पर पंजीकरण करवाना होगा। योजना में दो हार्स पावर का सबमर्सिबल पंप लगवाने पर 58853 रुपये अनुदान है। पंप और सोलर पैनल की कुल लागत 147131 रुपये है। किसान दो हार्सपावर से दस हार्स पावर तक का सोलर पंप लगवा सकते हैं। दस हार्सपावर पर अनुदान 185722 रुपये है। योजना के तहत जिले में अब तक 182 किसानों को अनुदान पर सोलर पंप का लाभ मिल चुका है। 2022-23 में जिले को 82 का लक्ष्य मिला है। लेकिन 164 किसानों ने आनलाइन आवेदन किया है। सोलर पंप की कुल लागत का 60 प्रतिशत केंद्र व प्रदेश सरकार वहन करती है। वहीं 40 प्रतिशत की राशि किसानों को देनी है। जो किसान 40 प्रतिशत राशि जमा नहीं करेंगे उनकी बुकिंग स्वत: खत्म हो जाएगी। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत 60 प्रतिशत के अनुदान पर सोलर पंप प्राप्त करने के लिए आवेदन करने वाले किसानों के खेत में बोरिंग होना अनिवार्य है। किसानों को दो हार्स पावर के सोलर पंप के लिए चार इंच की बोरिंग, तीन व पांच हॉर्स पावर के सोलर पंप के लिए छह इंच की बोरिंग और साढ़े सात व 10 हार्स पावर के सोलर पंप के लिए आठ इंच की बोरिंग करवानी होगी। कृषि उपनिदेशक एसपी श्रीवास्तव ने बताया कि योजना में 164 किसानों ने आवेदन किया है। वह अपना अंशदान जमा कर रहे हैं। पूरी पारदर्शिता के साथ किसानों को योजना का लाभ दिया जाएगा।
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