जिला अस्पताल स्थित कोरोना आईसोलेशन वार्ड के बाहर सैनेटाइजर का छिड़काव को देखते जिलाधिकारी ज्ञा?
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मऊ। देश के साथ जिले में महामारी और आतंक का पर्याय बने कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए शासन प्रशासन के साथ सामाजिक संगठन जी जान से जुटे हैं। कोरोना से संक्रमित आईसोलेशन वार्ड में रखे गए संदिग्ध की जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली है। हालांकि इस संक्रमण से लोगों को निजात दिलाने में स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर से लगा है। वहीं, मंगलवार को शासन से 125 पीपीई किट जिला को उपलब्ध कराई गई है। बताते चले कि जिले में अब तक कोरोना वायरस के तीन संदिग्ध मरीज मिले थे, इसमें दो गाजीपुर के थे, जिन्हे सीएमएस ने जाने दिया। जबकि एक मरीज जिले के फतहपुर मंडाव का था, जिसे आइसोलेशन वार्ड में निगरानी के लिए भर्ती कर उसके खून का नमूना जांच के लिए भेजा गया। युवक दुबई रहता था, महामारी का प्रकोप फैलने पर वह भागकर घर आ गया था। घर आने के बाद उसकी तबियात खराब हुई थी। जांच रिपोर्ट आने पर डीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि युवक को कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं है। जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर इसकी पुष्टि हो गई। इस खुशखबरी के बाद भी जिला प्रशासन एहतियात बरत रहा है। उधर, जिला अस्पताल के बर्न यूनिट को आईसोलेशन वार्ड में तब्दील कर दिया गया है, जबकि 15 से ज्यादा मरीज के होने पर दूसरे विकल्प के रूप में महिला जिला अस्पताल में पांच बेड का भी आईसोलेशन वार्ड बनाया गया है। इसके अलावा प्रशासन ने जिले को 125 पीपीई किट, मास्क के साथ लैब में भेजने के लिए वीटीएम की बॉटल आदि उपलब्ध कराया है। ताकि कदाचित कोरोना वायरस संक्रमित मरीज यदि अस्पताल आ जाए तो उसका उपचार करने में कोई दिक्कत न हो।