मुहम्मदाबाद गोहना। कोरोना वायरस मानवीय संबंधों को तार-तार कर रहा है। एक वक्त ऐसा था जब किसी के मरने पर पूरा गांव पीड़ित परिवार के साथ खड़ा हो जाया करता था। रिश्तेदार और गांव के लोग पास रहकर अंतिम संस्कार की तैयारी करते थे, लेकिन कोरोना महामारी ने सब कुछ बदल दिया है। ऐसा ही कुछ मुहम्मदाबाद गोहना ब्लाक के बरईपुर गांव निवासी 42 वर्षीय लूम संचालक की मौत होने पर परिवार के चार सदस्यों ने पीपीई किट पहनकर सुपर्दे खाक किया।
मुहम्मदाबाद गोहना ब्लाक के बरईपुर निवासी 42 वर्षीय व्यक्ति की मौत बृहस्पतिवार की देर शाम हो गई थी। इससे पहले जांच में मृतक कोरोना संक्रमित मिले थे। मृतक का उपचार आजमगढ़ मेडिकल कॉलेज में चल रहा था। शुक्रवार को मृतक के परिवार के चार सदस्यों ने बरईपुर स्थित कबिस्तान में ही मृतक को सुपर्दे खाक किया। कोरोना संक्रमित मृतक के शव को कोई भी हाथ नहीं लगा पाया, न ही शव को कोई लिपट के रो सका या छू सका। शव को भी एक विशेष प्रकार के पैकेट में रखा गया था। उसे उसी पैकेट समेत कब्र में कर दिया गया।सुपर्दे खाक करने के बाद मेडिकल टीम ने चारों लोगों का सैंपल लेते हुए उन्हें होम क्वारंटीन होने की सलाह दी।