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जनपद में विवेचनाओं के निस्तारण पर कोरोना का नहीं है असर

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मऊ। जनपद में विवेचनाओं के निस्तारण पर कोरोना का कोई असर नहीं है। थानों पर दर्ज मुकदमों की विवेचनाओं में 80 प्रतिशत का निस्तारण हो चुका है। महज 20 फीसदी विवेचनाएं ही लंबित हैं। यह भी केवल चुनाव के दौरान कुछ दिनों की व्यस्तता के चलते लंबित हैं। सभी क्षेत्राधिकारियों को अपने सर्किल के थानों की विवेचनाओं की समीक्षा का दायित्व पुलिस अधीक्षक ने दे रखा है। खुद एसपी भी भी थानावार समीक्षा करते हैं। सबसे अधिक सरायलखंसी थापने में 126 में विवेचनाएं लंबित है। जबकि मधुबन में 33 विवेचनाएं लंबित हैं। हलधरपुर थाने में कुल 48 विवेचनाएं लंबित है।रामपुर थाने में महज सात मामलों की विवेचनाएं लंम्बित हैं। जबकि पच्चीस का निस्तारण हो चुका है।
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रानीपुर थाने में कुल 34 मामले लंबित है। मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली में मात्र 32 विवेचनाएं लंबित है जबकि सात का निस्तारण हो चुका है। घोसी थाने में कुल 40 विवेचना लंबित हैं। दोहरीघाट थाने में कुल 40 विवेचनाएं लंबित हैं। रानीपुर थाने में कुल 34 विवेचना लंबित हैं। दक्षिण टोला थाने में कुल 22 विवेचना लंबित है।
सरायलखंसी थाना में विभिन्न मामलों दर्ज 202 मुकदमों में 76 मामलों में पुलिस ने विवेचना कर मामले में रिपोर्ट लगा दिया है। जबकि 126 विवेचनाएं अभी भी लंबित हैं। जबकि चिरैयाकोट में 35 विवेचनाएं लंबित हैं।शहर कोतवाली में 34 विवेचनाएं लंबित हैं। कोपागंज थाने में 110 विवेचनाएं लंबित हैं। इस बाबत पुलिस अधीक्षक घुले सुशील कहते हैं कि कोरोना के प्रभाव के चलते विवेचनाओं के निस्तारण पर कोई असर नहीं पड़ा है। हां, पंचायत चुनावों में कुछ दिनों की व्यस्तता के चलते मामूली असर पड़ा है।
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