सीएमओ कार्यालय पर अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन करते संविदा स्वास्थ्यकर्मी। संवाद
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी मांगों के लिए बृहस्पतिवार को तीन दिवसीय आंदोलन शुरू किया। कार्य बहिष्कार कर जिले भर के संविदाकर्मी मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय परिसर में एकत्र हुए और प्रदर्शन किया।
धरने को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. शैलजाकांत पांडेय ने कहा कि संविदाकर्मी दूरदराज और ग्रामीण इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में रीढ़ की तरह काम करते हैं, लेकिन उनकी जायज मांगों की अनदेखी की जा रही है। जिला महामंत्री आशुतोष राय ने कहा कि कोविड काल जैसी विकट परिस्थितियों में भी संविदा कर्मियों ने जान जोखिम में डालकर सेवाएं दीं। अब शासन-प्रशासन को उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं का स्थायी समाधान करना चाहिए। एएनएम संघ की जिलाध्यक्ष कृष्णा राय ने जमीनी स्तर पर काम करने वाली महिला स्वास्थ्य कर्मियों की समस्याओं के शीघ्र निस्तारण पर जोर दिया, वहीं डॉ. सौरभ सिंह ने सरकार से सकारात्मक रुख अपनाने की अपील की।
संघ पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन के दौरान मरीजों की सुविधा का ध्यान रखते हुए इमरजेंसी और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित नहीं किया गया है। आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहेंगे। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि 10 अक्तूबर तक मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से डाॅ. अश्वनी सिंह, डॉ. रामदास, कृष्णा राय, हुमैरा खातून, डॉ. नीतू शर्मा, ममता यादव, वंदना, अतुल शर्मा, संत कुमार, अशोक चौहान, रतनलाल, सुरेंद्र यादव सहित अन्य उपस्थित रहे।