मऊ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर तीन दिवसीय आंदोलन शुरू किया। कार्य बहिष्कार कर कर्मियों ने सीएमओ कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया और 10 अक्तूबर तक मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
मऊ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर गुरुवार से तीन दिवसीय आंदोलन शुरू कर दिया। कार्य बहिष्कार कर जिलेभर के संविदा स्वास्थ्य कर्मी मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय परिसर में एकत्र हुए और धरना-प्रदर्शन किया।
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धरने को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. शैलजाकांत पांडेय ने कहा कि संविदा स्वास्थ्य कर्मी दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन उनकी जायज मांगों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित मांगों का समाधान किया जाना चाहिए।
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जिला महामंत्री आशुतोष राय ने कहा कि कोविड काल जैसी विषम परिस्थितियों में भी संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर सेवाएं दीं। अब शासन-प्रशासन को उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं का स्थायी समाधान करना चाहिए।
10 अक्तूबर तक समाधान नहीं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
एएनएम संघ की जिलाध्यक्ष कृष्णा राय ने जमीनी स्तर पर काम करने वाली महिला स्वास्थ्य कर्मियों की समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग की। डॉ. सौरभ सिंह ने सरकार से संविदा कर्मियों की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाने की अपील की।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि आंदोलन के दौरान मरीजों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। इमरजेंसी और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित नहीं किया गया है। आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहेंगे।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि 10 अक्तूबर तक मांगों के संबंध में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में डॉ. अश्वनी सिंह, डॉ. रामदास, कृष्णा राय, हुमैरा खातून, डॉ. नीतू शर्मा, ममता यादव, वंदना, अतुल शर्मा, संत कुमार, अशोक चौहान, रतनलाल, सुरेंद्र यादव सहित अन्य संविदा स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।