निर्मल तमसा अभियान का असर घाटों पर दिखने लगा है। गाय घाट पर नदी की धारा में अवरोध बने पुराने पुल के मलबे को हटाया जा रहा है। किनारे पर जमी काई और जलकुंभी की सफाई में नगर के लोगों का प्रयास सराहनीय है। अभियान के छठवें दिन सामाजिक संगठनों के साथ अधिकारियों की टीम पहुंची। पोकलेन के जाने के बाद ड्रिल मशीन से बचे अवरोध को हटाने पर विचार विमर्श किया गया।
तमसा के दर्द को अमर उजाला में प्रकाशित होने से लागू किए गए निर्मल अभियान को नगर के लोगों का अपार समर्थन मिल रहा है। जागरूक सामाजिक संगठन, ठेकेदार संघ, डाक्टर संगठन ने इस महाअभियान को सफल बनाने में महती भूमिका निभाने का वादा किया। परिणामस्वरूप मंगलवार से शुरू हुए अभियान में सभी ने बढ़चढकर हिस्सा लिया। जो अनवरत छठवें दिन सोमवार को भी जारी रहा।
जिलाधिकारी के बाहर रहने पर सोमवार को तमसा को अविरल निर्मल बनाने वाले अभियान को गति देने के लिए अल सुबह गाय घाट पर अपर जिलाधिकारी शिवकुमार शर्मा के साथ सिटी मजिस्ट्रेट अमरनाथ राय, जिला सूचना अधिकारी जितेंद्र सिंह एआरटीओ सौरभ सहित अन्य अधिकारी पहुंचे। इस दौरान पहले ही दिन से घाट पर जमे लेखपाल धीरज सिंह ने अधिकारियों को प्रगति रिपोर्ट दी। सोमवार को भीटी ओवरब्रिज के नीचे सफाई कर्मचारियों का जत्था तमसा को निर्मल बनाने की कवायद में था।
बताते चलें कि छह दिन चले अभियान में भदेसरा से लेकर बम घाट तक तमसा की सफाई की गई है। हनुमान घाट पर अभी भी सामाजिक संगठन के साथ सफाई कर्मचारी तमसा को निर्मल बनाने में जुटे हैं, जिससे लोग सफल पूरा पूरा समर्थन में खरीदें