मऊ। जिले में निर्वाचित हुए 822 बीडीसी 9 ब्लॉकों में प्रमुखों का चयन करेंगे। प्रमुख पद के दावेदार बीडीसी को अपने पक्ष में करने में जुटे हैं। साथ ही राजनीतिक दलों से संपर्क में हैं।
प्रमुख पद पर चुनाव की घोषणा निकट भविष्य में होने की संभावना के मद्देनजर ब्लाक प्रमुख पद के दावेदार तैयारियों में जुट गए हैं। कई दिग्गजों ने आरक्षित वर्ग के अपने सिपाहसालारों को उस पर बिठाने की मुहिम तेज कर दी है। ऐसे ब्लाकों में परदहा, रतनपुरा, घोसी और रानीपुर हैं। जिले में ब्लाक प्रमुख पद की नौ सीटें हैं। इनमें रानीपुर और परदहा ब्लाक की सीटें एससी के लिए तो रतनपुरा ब्लाक की सीट ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है। घोसी ब्लाक की सीट ओबीसी के लिए आरक्षित है। घोसी ब्लाक प्रमुख सीट के लिए अभी तीन नाम सामने आ रहे हैं। इनमें से निर्दल डा. राम कृष्ण यादव तथा कांग्रेसी पृष्ठभूमि वाले लक्ष्मीशंकर यादव के बेटे राज नारायण यादव तथा भाजपा से विवेकानंद यादव के नामों की चर्चा चल रही है। परदहां ब्लाक प्रमुख पद पर माफिया रमेश सिंह काका का कब्जा था, लेकिन अब एससी के लिए आरक्षित हो जाने पर उसी वर्ग के एक बीडीसी को उन्होंने आगे कर रखा है। रानीपुर प्रमुख एमएलसी यशवंत सिंह के करीब हुआ करते थे लेकिन अबकी बार आरक्षण से स्थिति बदल गई है। इसी प्रकार रतनपुरा ब्लाक प्रमुख पद पर कांग्रेस नेता सुरेश बहादुर सिंह का वर्चस्व रहता था लेकिन अबकी बार यह पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित होने से समीकरण बिगड़ गया है। यहां भाजपा के लोग इस सीट पर कब्जे की रणनीति बनाने में जुटे हैं। कोपागंज ब्लाक में प्रमुख पद पर भाजपा के दो और सपा के दो लोग दावेदारी कर रहे हैं। यही हाल दोहरीघाट और फतेहपुर मंडाव ब्लाक की है।