मऊ। घोसी नगर पंचायत के बड़ागांव वार्ड में खुले नाले में बीते सोमवार को मासूम अभय की मौत के मामले में दो विभागों की एक बड़ी लापरवाही मिली है। दरअसल जिस नाले पर मासूम की मौत हुई हैं, वह दशकों पुराना होने के चलते नगर पंचायत घोसी द्वारा उस जगह पर 17 करोड़ से नया नाला बनाने का प्रस्ताव एक साल पहले बनाया गया है। इसके लिए नामित कार्यदायी संस्था को नपं घोसी द्वारा जुलाई 2024 में पहली किस्त पांच करोड़ जारी की जा चुकी है। इसके बाद भी कार्यदायी संस्था ने नाले का काम शुरू नहीं किया है।
सोमवार को बड़ागांव मुहल्ला निवासी शिवकुमार राजभर का पुत्र अभय खेलते समय घर के बाहर से गुजरे खुले नाले में गिरकर मौत हो गई थी। इस मामले में पीड़िता पिता ने ईओ-नपांध्यक्ष के विरुद्ध घोसी कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है।
मामले में अमर उजाला द्वारा जब पड़ताल की गई तो लापरवाही सामने आई। पंचायत घोसी द्वारा 17 करोड़ रुपये से बड़ा नाला निर्माण की योजना एक साल पहले तैयार की गई थी। इसका बजट भी शासन द्वारा स्वीकृत हो चुका है। इस संबंध में अमर उजाला ने ईओ अनिल कुमार से बात की तो उन्होंने बताया कि प्रस्ताव बनने के बाद कार्यदायी संस्था को जुलाई माह में काम शुरू करने के लिए पांच करोड़ की राशि भेजी गई थी, लेकिन संस्था ने काम शुरू नहीं किया, इस संबंध में कई बार इसको लेकर पत्राचार भी किया गया।
वहीं सीएनडीएस के अवर अभियंता कमलेश चौहान का कहना है कि नगर पंचायत घोसी द्वारा जुलाई में नाला निर्माण को लेकर पहली किस्त में पांच करोड़ की राशि भेजी गई है, लेकिन जब सर्वे कार्य किया गया तो सात किमी वाले इस नाले का बजट करीब 23 करोड़ तक पहुंच रहा है। इसलिए रिवाइज बजट को लेकर दस दिन पूर्व ही नगर पंचायत ईओ को पत्र भेजा गया है।
वहीं इस संबंध में नपांध्यक्ष घोसी मुन्ना प्रसाद गुप्ता का कहना है कि यह लापरवाही कार्यदायी संस्था की है। पांच माह पहले पहली किस्त भेजने के बाद काम शुरू न होने पर चार बार पत्र भेजकर काम शुरू कराने की मांग कही गई थी। जहां तक रिवाइज बजट की बात है तो उसकी जानकारी मेरे संज्ञान में नहीं है।