कलेक्ट्रेट सभागार में सातवीं आर्थिक गणना के कार्यों की समीक्षा बैठक को संबोधित करते कार्यदायी स
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मऊ। जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी की अध्यक्षता में जनपद में संचालित कॉमन सर्विस केंद्र संचालको द्वारा की जा रही सातवीं आर्थिक गणना के कार्यों की एक समीक्षा बैठक का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि सातवीं आर्थिक गणना सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा 2019 में कराई जा रही है। वर्तमान आर्थिक गणना में मंत्रालय ने सातवीं आर्थिक गणना के लिए कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सीएससी ई- गवर्नेस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के साथ साझेदारी की है। 7वीं आर्थिक गणना में आंकड़े जुटाने, उनके प्रमाणीकरण, रिपोर्ट तैयार करने और इनके प्रसार के लिए आईटी आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर मोबाइल एप के माध्यम से किया जा रहा है। यह कार्य कॉमन सर्विस केंद्रों के माध्यम से एक विशेष मोबाइल एप के माध्यम से किया जा रहा है। आर्थिक गणना में परिवारों के उद्यमों, गैर-जोत कृषि और गैर-कृषि क्षेत्र में वस्तुओं, सेवाओं के उत्पादन एवं वितरण की गणना की जाएगी। इस कार्य को संपन्न करने के लिए 224 सुपरवाइजरों व 1428 गणनाकारों की मदद ली जा रही है। जिनका प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित कर किया जा चुका है। जनपद में सातवीं आर्थिक गणना के सफल क्रियान्वयन के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक कमिटी का गठन किया गया है। जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी ददन कुमार को इस परियोजना का नोडल बनाया गया है। कार्यदायी संस्था सीएससी ई- गवर्नैंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के राज्य स्तरीय प्रतिनिधि अजय प्रकाश चौबे व जिला प्रबंधक उत्कर्ष दीक्षित, पंकज यादव ने आर्थिक गणना के कार्य की बारीकियों को बताते हुए कहा कि गणना प्रत्येक पांच वर्षों में किया जाना है। पिछली गणना 2013 में की गई। तय मानकों के आधार पर ही सर्वे कार्य किया जाए। अब तक कुल 65 ग्राम पंचायतों का सर्वे कार्य संपन्न किया जा चुका है।