मऊ। जिले के तहसीलों में मंगलवार को आयोजित समाधान दिवस में अतिक्रमण, प्रमाणपत्र जारी न करने, पीएम आवास न मिलने की शिकायतें अधिक आईं। कई ऐसे फरियादी पहुंचे थे जो अलग-अलग मामलों को लेकर दो से आठ वर्ष से भटक रहे हैं लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं है। सदर तहसील में अतिक्रमण हटाने की फरियाद आठ वर्ष से करने के बाद भी मामले का समाधान नहीं हुआ।
सदर तहसील पर संपूर्ण समधान दिवस में इटौरा निवासी जयप्रकाश सिंह ने प्रार्थनापत्र देकर कहा कि वे आठ साल से चकरोड से अतिक्रमण हटाने की फरियाद कर रहे हैं लेकिन राजस्व कर्मी पैमाइश की खानापूरी कर देते हैं। चकरोड पर अतिक्रमण बरकरार है। मुहम्मदाबाद गोहना में महिलाओं ने प्रधानमंत्री आवास न मिलने की शिकायत की। मधुबन में गोंड़ जाति के लोगों ने अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र न मिलने की शिकायत की।
मुहम्मदाबाद गोहना तहसील सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस पर रानीपुर की नूतन देवी, गीता देवी ,विरोधी देवी, कमलावती देवी, गीता भारद्वाज, लक्ष्मी देवी, धना वती देवी, धनेश्वरी देवी, मुनाकी देवी, तारा देवी ने पीएम आवास नहीं मिलने की शिकायत की। क्याड़ खास निवासी राम सोच ने कहा कि गांव की सरहद की पैमाइश करा कर सरहद को सही करा दिया जाए। तेंदुली के हरिशचंद निवासी ने कहा कि भूमि धरी पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। कुल 56 प्रार्थना पत्र आए जिसमें 5 का समाधान हुआ:
मधुबन: स्थानीय तहसील सभागार में उपजिलाधिकारी लाल बाबू दुबे की अध्यक्षता में सुनवाई हुई। कुल 86 शिकायती प्रार्थना पत्र पड़े। डीएम के ने आने फरियादी मायूस रहे। इस दौरान रामकुंवर, प्रमोद कुमार गोड, राहुल कुमार गोड, राजेश कुमार गोड, अमरनाथ, प्रकाश ने अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र नहीं बनने की शिकायत की।
चार माह बाद भी नहीं नहीं मिला मृत्यु प्रमाण पत्र
घोसी। संपूर्ण समाधान दिवस पर उपजिलाधिकारी घोसी डा.सीएल सोनकर ने समस्याएं सुनीं। इस दौरान खैरा मुहम्मद पुर विनोद कुमार ने कहा कि चार महीने पूर्व माता का निधन हो गया लेकिन आवेदन के चार माह बाद भी मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिला। खैरा मुहम्मदपुर निवासी विजयी ने प्रधानमंत्री आवास आवंटन नहीं मिलने की शिकायत की। रजपुरा निवासी गुम्मल ने कहा कि गांव में भीटे की जमीन पर शौचालय बनवाया जा रहा है। कुछ लोगों ने मकान भी बनवा लिया है। इसके अलावा नाली ,चकरोड पर अतिक्रमण ,राशनकार्ड ,पैमाइश आदि से जुडे़ मामले आए।