फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अधिवक्ताओं का डीएम चैंबर में हंगामा

Fri, 20 Nov 2015 11:29 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
 दीवानी कचहरी के अधिवक्ता रमेश शर्मा के साथ पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने से नाराज साथी वकीलों ने शुक्रवार को जिलाधिकारी के चैंबर में हंगामा किया। साथ ही कोतवाल के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
विज्ञापन



जिलाधिकारी ने मामले के निस्तारण के लिए बैठक बुलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद अधिवक्ता वहां से वापस कचहरी लौटे। अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने के चलते वादकारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।


सिविल कोर्ट सेंट्रल बार एसोसिएशन की बैठक शुक्रवार को संघ के पुस्तकालय भवन में हुई। इसमें अधिवक्ता रमेश शर्मा ने अवगत कराया कि उकनी जमीन को लेकर एक प्रकरण चल रहा है।
विज्ञापन


 जिसमें रात्रि में शहर कोतवाल के साथ चौकी भीटी के प्रभारी कुछ सिपाहियों के उनके घर पर पहुंचे। और दरवाजा पीटते हुए उनकी पत्नी से उनके बारे में पूछताछ की। अधिवक्ता ने बताया कि कोतवाल उनके घर में घुसकर टार्च जलाकर उन्हें खोज रहे थे।


 पीड़ित अधिवक्ता की बातों को सुनकर अन्य अधिवक्ता आक्रोशित हो गए और पुस्तकालय भवन में बैठक की। इस दौरान यहां भी अधिवक्ताओं ने अपने बार के मंत्री एवं अध्यक्ष को इस मामले में रुचि न लेने पर हंगामा किया।


 बार के अध्यक्ष ने नगर मजिस्ट्रेट व पुलिस की कार्यप्रणाली की निंदा करते हुए विरोध में पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय सुनाया। इसके बाद अध्यक्ष और महामंत्री के नेतृत्व में काफी संख्या में अधिवक्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और वहां नगर मजिस्ट्रेट के चेंबर में घुसकर कुर्सियां गिरा दी। उस समय नगर मजिस्ट्रेट अपने चेंबर में मौजूद नहीं थे। नगर मजिस्ट्रेट ने यह बात जिलाधिकारी को बताई।


नगर मजिस्ट्रेट के न मिलने पर अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी के चेंबर में पहुंच गए। शोरगुल करने लगे। उस समय डीएम चेंबर में नहीं थे। लेकिन हंगामे की खबर मिलने ही वे तत्काल चेंबर में पहुंचे।


 अधिवक्ताओं से वार्ता की। डीएम ने अधिवक्ताओं के व्यवहार पर कड़ा ऐतराज जताते हुए चेंबर से बाहर जाने और केवल पदाधिकारियों व पीड़ित के साथ वार्ता करने की बात कही। इससे और हंगामा होने लगा। एडीएम व बार के वरिष्ठ लोगों के प्रयास से अधिवक्ता डीएम के चैंबर से बाहर निकले।

इसके बाद बार के पदाधिकारी व अधिवक्ता रमेश शर्मा, सत्येंद्र राय, प्रदीप सिंह, रामकृत यादव, स्वतंत्र सिंह, लक्ष्मीकांत यादव, राजेंद्र प्रसाद, गोपाल नारायन राय जिलाधिकारी से वार्ता करना शुरू किया। जिलाधिकारी ने पहले पीड़ित अधिवक्ता व नगर मजिस्ट्रेट से पूरे मामले की जानकारी ली। घटनाक्रम से अवगत होने के बाद अधिवक्ताओं से कहा कि कुछ लोगों का नाम लिखकर दें तब वह वार्ता करेंगे।


इसके बाद अधिवक्ता वहां से वापस कचहरी लौट आए। इस दौरान दारोगा सिंह, अमरनाथ सिंह, शमीम अहमद, ब्रम्हानंद सिंह, अरविंद तिवारी, राजेश सिंह राज, शमसुल हसन, घनश्याम सिंह आदि अधिवक्ता शामिल रहे।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें