उप्र डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के तत्वावधान में डिप्लोमा इंजीनियरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया।
धरने को संबोधित करते हुए संगठन के अध्यक्ष विद्यासागर मिश्र ने कहा कि डिप्लोमा इंजीनियरों की मांगों पर शासन प्रशासन की ओर से ध्यान देने की जहमत उठाई गई।
संगठन के पदाधिकारियों तथा विभागीय अधिकारियों की बीच वार्ता भी हुई, लेकिन मांगों को पूरा नहीं किया जा सका है। कहा कि सहायक अभियंता को स्वीकृत ग्रेड पे 5400 रुपये से ठीक नीचे का ग्रेड पे 4800 रुपये प्रदान करने पर सहमति प्रदान करने के उपरांत भी शासन द्वारा शासनादेश जारी नहीं किया जा सका है।
मांगों को अविलंब पूरा नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन तेज करने को बाध्य हो जाएंगे। इसी क्रम में साहिल शर्मा ने कहा कि विभागीय अधिकारियों के उदासीनता के चलते डिप्लोमा इंजीयरों को ग्रेड पे नहीं मिल पाया है। वार्ता के बाद भी मांगों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
सुशील कुमार ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति की स्पष्ट आख्या दी गई है।
जिसमेें जूनियर इंजीनयरों की प्रोन्नति में ठहराव को देखते हुए सहायक अभियंता के ग्रेड के नीचे 4800 रुपये करने पर सहमति प्रदान की है। बावजूद अभी तक शासनादेश जारी नहीं हो सका है। मांगों को अविलंब पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
धरने में सुरेंद्र यादव, कमलेश यादव, मनीष वर्मा, संतोष तिवारी, अश्वनी कुमार व विजय गुप्ता आदि शामिल थे। संचालन विनोद कुमार ने किया।