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Mau News: सर्द मौसम बना रोड़ा, सड़क निर्माण पर लगा विराम

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मऊ। जनपद में नई तकनीक एफडीआर से 16 सड़कों को निर्माण होना है। इस योजना में अभी पहले चरण में चार सड़कों की नई सतह तैयार कर दो पर पीचिंग का कार्य चल रहा है। पहली सड़क सहालाबाद से सरसेना है, जबकि दूसरी बरलाई से धवरियासाथ मार्ग है। सलाहाबाद से सरसेना मार्ग पूरा हो चुका है, वही बरलाई से धवरियासाथ मार्ग अभी तक रैनी गांव तक बन गया है, लेकिन मौसम सर्द होने से मार्ग का निर्माण मानक के अनुरूप नहीं हो पा रहा है, इससे मौसम अनुकूल होनेे के बाद इसका काम किया जाएगा।
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जिले की सबसे अधिक जर्जर सड़कों के निर्माण की मांग लंबे समय से चल रही थी। लोक निर्माण विभाग द्वारा इन सभी सड़काें का काम पूरा करने के लिए कई बार सर्वे कर इस्टीमेट तैयार किया गया। निर्माण की लागत अधिक होने के कारण केंद्र सरकार द्वारा पुरानी सड़क निर्माण की नई तकनीक एफडीआर से कराने का प्रस्ताव दिया गया। शासन द्वारा इन सभी सड़क के निर्माण के लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को आदेशित किया गया। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा इन सभी 16 सड़काें कोे चिहिृत कर काम शुरू किया गया। पहले चरण में सड़क के दोनों तरफ की मिट्टी से पटरी को चौड़ा किया गया। वहीं दूसरे चरण में सड़क को रिक्लेयर मशीन द्वारा पुुरानी सड़क में पड़े मैटिरियल को करीब एक फीट खोदकर उसमें सीमेंट मिलाकर सड़क की सतह तैयार की गई। तीन सप्ताह तक सड़क की सतह पर पानी गिराकर उसे मजबूत किया गया। सहालाबाद से सरसेना जाने वाले मार्ग को पूरा किया जा चुका है, जबकि धवरियासाथ से बरलाई तक जाने वाला मार्ग रैनी गांव की पुलिया तक बन चुका है। आगे का कार्य मौसम साफ होने के बाद ही कराया जाएगा।
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कुल 123 करोड़ रुपये का धन आवंटित, वन और बिजली विभाग का अभी है बाधा
मऊ। शासन द्वारा इन सड़कों के निर्माण के लिए कुल 123 करोड़ रुपये का धन आवंटित किया जा चुका है। इन सभी सड़कों के किनारे लगे पेड़ और पोल हटाने के लिए वन और बिजली विभाग को भुगतान भी किया गया लेकिन अभी तक मार्गों से न तो पोल हट सके और न ही सही तरीके से पेड़ हटे है। इससे कही पोल बीच सड़क में है तो ही मार्ग के पटरी ही बाधित हो गई है। आरईडी विभाग द्वारा वन विभाग को पोल हटाने के लिए करीब एक करोड़ 64 लाख रुपये और बिजली निगम को 143 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। लेकिन अभी तक पटरी तैयार किए गए एकौना चौबेपुर मार्ग पर निजामुद्दीनपुर गांव के पास दोनों तरफ लगे पेड़ नही हट सके है, यही हाल पोल और उस पर लगे ट्रांसफार्मर का भी है।
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वर्ष 2023 के दिसंबर माह में इन सभी सड़क के निर्माण को पूरा करना था, लेकिन पहले वन विभाग और बिजली निगम की देरी केे बाद अब तापमान कम होने के कारण निर्माण की पर विराम लग चुका है।
इन सड़काें का होना है निर्माण
मऊ। कोईरियापार से मीरपुर, मोलनापुर से दुबारी, एकौना चौबेपुर मार्ग, रानीपुर से सुल्तानीपुर मार्ग, बरलाई से पूराघाट मार्ग, रतनपुरा से भीमपुरा मार्ग, इटौरा से सरसेना मार्ग, बनगांवा से पिढ़वल मार्ग, मुहम्मगाबाद से जीयनपुर, करहां से जहानागंज मार्ग, हलधरपुर से अइलख, मऊ से इटौरा सहित कई अन्य मार्ग है।
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क्या है एफडीआर तकनीक
मऊ। एफडीआर यानी फुल डेफ्थ रेक्लेनेशन तकनीक के अंतर्गत पुरानी रोड़ उच्चीकरण किया जाता है। इसमें पुरानी रोड़ की मिट्टी समेत अन्य चीजों की ही प्रयोग किया जाता है। इसमें एक लेयर केमिकल बिछाया जाता है। रिक्लेयर मशीन द्वारा इसकी सतह तैयार किया जाता है।
एफडीआर तकनीक से सड़क को तैयार करने के लिए सेमीलेयर और पिच का कार्य मानक के अनुरूप नहीं हो पा रहा है। तापमान गिरने से पीच की सड़क से पकड़ कमजोर हो रही है। इसलिए तापमान में बढ़ोतरी होने के बाद ही काम शुरू किया जाएगा। - किशन मोदनवाल, सहायक अभियंता, आरईडी विभाग
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