मऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर 1, 2 और 3 पर लगे कोच गाइडेंस सिस्टम (सीजीएस) तीन दिन से खराब हैं। प्लेटफार्म नंबर 4 और 5 पर स्पीकर और सीजीएस लगे ही नहीं हैं।
25 अप्रैल की शाम 7:30 बजे से सिस्टम कोच पोजीशन का डेटा नहीं ले रहा है। सोमवार दोपहर 12 बजे तक 41 घंटे में 103 ट्रेनें बिना कोच पोजीशन की जानकारी के ही गुजर गईं। ट्रेन रुकने के बाद प्लेटफार्म पर भगदड़ जैसी स्थिति बन जा रही है।
सुरक्षा के मद्देनजर आरपीएफ और जीआरपी के जवानों को तैनात किया गया है। मरम्मत करने वाली टेलिकॉम कंपनी का टेंडर समाप्त होने के कारण सिस्टम की मरम्मत में देरी हो रही है। अप्रैल में 10 दिन के भीतर दूसरी बार सीजीएस खराब हुआ है। कोच ढूंढते-ढूंढते पसीने छूट रहे हैं।
15 दिन पहले रेलवे के जीएम स्टेशन के निरीक्षण पर आए थे, उस समय भी सीजीएस खराब था। उनके निर्देश पर मरम्मत कराई गई थी। मऊ जंक्शन से रोजाना 44 ट्रेनें गुजरती हैं। 10 हजार लोग यात्रा करते हैं।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 52.65 करोड़ रुपये की लागत से मऊ जंक्शन का पुनर्विकास किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में स्टेशन का स्वरूप बदला है। यात्रियों की सुविधा के लिए तीन नए एस्केलेटर और एक लिफ्ट लगाई जा रही है। इसके साथ ही 5500 वर्ग मीटर में ग्रेनाइट का कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
यह स्टेशन नई दिल्ली, मुंबई, सूरत, अहमदाबाद, कोलकाता, पुणे, लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, जयपुर, रांची और अमृतसर जैसे प्रमुख शहरों से सीधी ट्रेन सेवा से जुड़ा है।
सोमवार दोपहर एक बजे लिच्छवी एक्सप्रेस (14005) प्लेटफार्म नंबर 1 पर आकर रुकी। ट्रेन में भीड़ होने के साथ ही प्लेटफार्म पर भी यात्रियों की भारी भीड़ थी।
कोच पोजीशन की जानकारी न होने के कारण यात्री सामान लेकर इधर-उधर भागते नजर आए।