इसी मंशा को लेकर मुख्यमंत्री प्रदेश के सभी जनपदों में चुनावी जनसभाएं कर रहे हैं। इनमें एक जनसभा बुधवार को जनपद में होनी है। मुख्तार के यहां से लगातार पांच बार विधानसभा चुनाव जीतने से ऐसा माना जाता है कि उसका यहां पर मजबूत गढ़ है। पिछले 2017 के विधानसभा चुनाव में यहां पर पीएम नरेंद्र मोदी खुद भाजपा प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार करने आए थे। उस बार मोदी ने बिना नाम लिए ही मुख्तार के विरुद्ध बिगुल फूंका था। उसी साल प्रदेश में भाजपा सरकार बनने पर माफिया मुख्तार की जड़ें हिलनी शुरू हो गई थीं। लेकिन पिछली बार हुए चुनाव में ही सदर विधान सभा सीट से मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी की जीत हो गई। इसे शहर के मतदाताओं पर मुख्तार की गहरी पकड़ के नतीजे के रूप में माना गया। इसीलिए अबकी बार यहां की सीटें जीतना पार्टी की प्राथमिकताओं में है। भाजपा सूत्रों के अनुसार ऐसा माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के चुनाव सभा के बाद यहां का चुनावी माहौल बदलेगा।
सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजाम:
मुख्यमंत्री की चुनावी जनसभा के मद्देनजर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा के तहत यहां पर तीन आईपीएस, दस अपर पुलिस अधीक्षक जोन के अंतर्गत गैर जनपदों से तैनात किए गए हैं। इनके अलावा भारी संख्या में सीओ, इंसपेक्टर, सब इंस्पेक्टरों की तैनाती की जाएगी। पुलिस एवं पीएसी के जवानों की तैनाती कार्यक्रम स्थल से लेकर पुलिस लाइन परिसर स्थित हेलीपैड से लेकर जनसभा स्थल तक की जाएगी। जनसभा स्थाल के आस पास के भवनों की छतों पर जवानों की तैनात की जाएगी। खुफिया और एलआईयू के अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। कुल मिलाकर मुख्यमंत्री की अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी।