मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ मंडल की समीक्षा बैठक में शनिवार को मऊ जिले की बदहाल सड़कों पर अफसरों की खूब खिंचाई की। कहा कि लंबे समय तक यहां गड़बड़ी चलती रही है। अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने अपर मुख्य सचिव, पीडब्ल्यूडी को योग्य और कर्मठ अधिकारियों को मऊ में तैनात करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक कोविड-19 की कोई वैक्सीन नहीं आ जाती, तब तक बचाव और जागरूकता का क्रम जारी रखना होगा। धन के अभाव में कोई काम नहीं रुकेगा। स्थानीय स्तर से विकास के नवीन प्रस्ताव भेजें, जो कार्य चल रहे हैं उनकी गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
सीएम शुक्रवार को अपने सरकारी आवास पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आजमगढ़ मंडल के विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। मंडलायुक्त के साथ-साथ जनपद आजमगढ़, बलिया और मऊ के जिलाधिकारियों से जनपद में प्रस्तावित और जारी विभिन्न योजनाओं की प्रगति का हाल जानते हुए जनप्रतिनिधियों से विकास कार्यों के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर-आजमगढ़ लिंक एक्सप्रेस-वे की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास को रफ्तार देने वाली है। इससे जुड़े हुए कोई भी काम को लंबित न रखा जाए। कार्यदायी संस्था के चयन से पूर्व संस्था के संसाधनों की परख जरूर की जाए। बलिया में प्रस्तावित राजकीय मेडिकल कॉलेज भूमि चयन की प्रक्त्रिस्या शीघ्र पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया।