केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वच्छता योजना को पलिता लगाने वाले गांवों को गुरुवार की दोपहर चिन्हित किया गया। जिलाधिकारी के आदेश पर इन 14 गांवों की सूची तैयार कर वहां विभिन्न योजनाओं से हुए विकास कार्यों की जांच के लिए टीम गठित किया गया है। एसडीएम के नेतृत्व में यह टीम गांवों में हुए सभी विकास कार्यों की जांच करेगी, इसके बाद गांव के सचिव और प्रधानों पर गाज गिराने की कवायद की जाएगी।
शासन के आदेश पर जिला को दो अक्तूबर तक ओडीएफ घोषित नहीं हो सका। इस पर गुरुवार को जिलाधिकारी ने जिले के सभी नौ ब्लाकों के 1462 राजस्व गांवों की समीक्षा की गई। इस दौरान जिले के 14 गांव ऐसे मिले यहां शौचालय निर्माण की दशा अत्यंत खराब मिली। डीएम ने समीक्षा के बाद इन गांवों में विभिन्न योजनाओं (राज वित्त, मनरेगा, आरईएस आदि) से हुए विकास कार्यों की जांच करने के लिए एसडीएम के नेतृत्व में टीम गठित करने का आदेश जारी किया। एसडीएम के नेतृत्व में गठित टीम में क्षेत्राधिकारी, लेखाधिकारी, किसी विभाग का इंजीनियर को शामिल किया जाएगा।
टीम जांच करके रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी। डीपीआरओ एसपी सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट गड़बड़ मिलने पर प्रधानों को बर्खास्त किया जाएगा, साथ ही सचिवों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। सोमवार को एक और शौचालय निर्माण की प्रगति समीक्षा की जाएगी। इसके बाद यह टीम कार्रवाई जांच करने के लिए संबंधित गांव पहुंचेगी।