बच्चे से ब्लैकबोर्ड पर लिखवाते जिलाधिकारी ऋषिरेन्द्र कुमार।
मऊ। जिलाधिकारी ऋषिरेन्द्र कुमार सोमवार को कई सरकारी विभागों में धरातलीय सच जानने निकले। इस क्रम में जिलाधिकारी ने परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण किया। डीएम सुबह 11.40 बजे जब प्राथमिक विद्यालय खुखुन्दवा पहुंचे तो कक्षा दो के बच्चों से पाठ कराया जा रहा था। बच्चे पाठ कर रहे थे श से शरीफा। डीएम ने एक बच्चे से कहा कि शरीफा क्या होता है। वह बच्चा नहीं बता पाया। उस कक्षा का कोई बच्चा इसका अर्थ नहीं बता पाया। डीएम ने कक्षा दो के बच्चों से अपना नाम हिंदी में लिखने को कहा। कोई बच्चा अपना नाम नहीं लिख पाया। निरीक्षण के समय प्रधानाध्यापिका भानुमती त्रिपाठी अनुपस्थित मिलीं। उनका आकस्मिक अवकाश का प्रार्थनापत्र पड़ा था। लेकिन वह स्वीकृत नहीं था। खुखुन्दवा में 99 बच्चों का नामांकन था लेकिन केवल 38 बच्चे उपस्थित मिले।
इसी प्रकार प्राथमिक विद्यालय भदसा में 90 छात्रों का नामांकन है। लेकिन केवल 55 छात्र उपस्थित मिले।
जिलाधिकारी ने इस लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए बीएसए राकेश कुमार को कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश दिया और प्रधानाध्यापिका खुखुन्दवा का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिया। डीएम ने बीएसए तथा खण्ड विकास अधिकारी को लगातार भ्रमण कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
इनसेट
एबीएसए भी रहे अनुपस्थित
वहीं बगल में स्थित वीआरसी खुखुंदवा पर जब डीएम पहुंचे तो वहां खंड शिक्षा अधिकारी आरपी राम और धर्मेंद्र भारती अनुपस्थित मिले। डीएम ने खंड शिक्षा अधिकारी कोपागंज ,अनुचर-वीआरसी का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया।