नया शिक्षा सत्र आठ दिन बाद शुरू हो जाएगा। परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत पहली से तीसरी कक्षाओं के बच्चों को किताब के लिए इंतजार करना पड़ेगा। अभी एक दिन पूर्व ही विभाग ने वर्कऑर्डर भेजा है। जिले के 1208 परिषदीय विद्यालयों में 1.31 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं।
शासन की तरफ से विद्यालय में शत प्रतिशत नामांकन के लिए पहली कक्षा से आठवीं कक्षा के बच्चों को नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें, एमडीएम सहित कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।
अधिकारियों की उदासीनता से बच्चों को योजनाओं का लाभ समय से नहीं मिल पाता है। विभाग का दावा है कि बच्चों को पहले दिन ही किताबें मिलेंगी।
हकीकत यह है कि इस वर्ष कक्षा चार से कक्षा आठ तक की किताबें बीआरसी से विद्यालय को भेजी जा रही हैं।
वहीं, कक्षा एक से कक्षा तीन तक की पाठ्यपुस्तकें अभी तक बीआरसी तक नहीं आ सकी हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक एक दिन पूर्व विभाग की तरफ से वर्कऑर्डर भेजा गया है।
इस बाबत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार उपाध्याय का कहना है कि चौथी कक्षा से आठवीं कक्षा की पाठ्यपुस्तकें विद्यालयों को भेजी जा रही हैं। अन्य कक्षाओं की पाठ्यपुस्तकें शीघ्र ही विद्यालयों को भेज दी जाएगी।