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Mau News: प्रदर्शन के साथ झड़प, जिले में नहीं चले बड़े वाहन, परेशान रहे यात्री

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मऊ। मोटर व्हीकल एक्ट को लेकर दूसरे दिन मंगलवार को भी पूरे जिले में कड़ा विरोध देखने को मिला। ट्रक चालकों के साथ निजी और रोडवेज बसों के चालकों ने भी जगह-जगह प्रदर्शन। इसके चलते जहां यात्री बेहाल रहे, वहीं, 40 घंटे से माल की ढुलाई ठप है। इसका असर सब्जी समेत अन्य सामान के दामों पर पड़ने लगा है। वहीं, सरायलंखसी पुलिस ने डुमराव मोड के पास विरोध जता रहे कई चालकों को हिरासत में ले लिया। ट्रकों का संचालन ठप होने से मंगलवार को ख्वाहाजहांपुर सब्जी मंडी, मुहम्मदाबाद सब्जी मंडी, मधुबन के कटघरा की सब्जी मंडी, दोहरीघाट की सब्जी मंडी में मांग के अनुरूप सब्जियां नहीं पहुंचीं। इसके चलते हरी मटर, प्याज, टमाटर के दाम बढ़ गए हैं। मंडी के व्यापारियों का कहना थाा कि यदि जल्द हड़ताल समाप्त नहीं हुई तो कीमतें और बढ़ेंगी। हसी तरह दूध और फलों की आवक भी घट गई है। पेट्रोल-डीजल की सप्लाई भी प्रभावित रही। पेट्रोल पंपों पर सन्नाटा रहा। सिर्फ दो पहिया वाहन और निजी वाहन ही सीएनजी और पेट्रोल पंपों पर दिखे। उधर, मऊ डिपो की 51 बसों में 30 बसों का संचालन बंद रहा। इससे रोडवेज को दूसरे दिन करीब सात लाख रुपये का नुकसान रोडवेज को उठाना पड़ा। वहीं, बलिया, गोरखपुर, आजमगढ़ रूट पर बसों का संचालन न होने से सैकड़ों यात्री हलाकान रहे। इसी तरह दोहरीघाट डिपो से 41 में से सिर्फ 19 बसें चलीं। हड़ताल के समर्थन में ऑटो चालक भी उतर आए। रानीपुर मोड़ के पास ऑटो चालक सुबह नौ बजे से एकत्र होने लगे। आधे घंटे बाद ऑटो चालकों ने लखनऊ और आजमगढ़ की तरफ से आने वाले सवारी वाहनों का रोकवाकर जाम लगा दिया। कुछ देर बाद खुरहट चौकी और रानीपुर थाने की पुलिस पहुंची। उन्होंने ऑटाे चालकों को समझाकर मार्ग खाली कराया। इसी तरह ऑटो चालकों ने पिपरीडीह नखतपुर मोड़ पर चक्काजाम कर दिया। सभी ने कहा कि काला कानून वापस किया जाए। नहीं तो आटो चालक अनिश्चित कालीन हड़ताल करेंगे। वहीं, ट्रक चालकों की हड़ताल की वजह से मधुबन बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। लोग अपने गंतव्य तक जाने के लिए वाहनों की तलाश में दिखे। कुछ जगहों पर ई-रिक्शा चलते रहे। रतनपुरा संवाददाता के अनुसार ऑटो का संचालन बंद रहने से रेलवे स्टेशन आने-आने वालों को परेशानी हुई। इसी तरह इंदारा जंक्शन आने-जाने वाले यात्री भी हलाकान दिखे। उत्तर प्रदेश ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन मऊ के अध्यक्ष अजीत सिंह ने सरकार से इस कानून में संशोधन करने की मांग की। कहा कि सरकार ने कानून को वापस नहीं लिया तो पूरे देश के ड्राइवर और ट्रांसपोर्टर हड़ताल पर चले जाएंगे। इससे उनका व्यवसाय चौपट हो जाएगा। ट्रांसपोर्टर सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर जनता तक समय से खाद्यान पहुंचाता है। टैंकर चालकों की हड़ताल का असर पेट्रोल पंपों पर भी पड़ने लगा है। जिले के ज्यादातर पंपों पर सिर्फ एक दिन का पेट्रोल-डीजल बचा है। ऐसे में तेल का संकट गहराएगा। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि यदि हड़ताल बढ़ी पेट्रोल पंप ड्राई हो सकते हैं। नगर के अवधेश पेट्रोल पंप संचालक विमल सिंह ने बताया कि पंप पर केवल एक दिन का तेल बचा है। अपना टैंकर दीनदयाल उपाध्याय नगर डिपो में भेजा था लेकिन रास्ते में ही विरोध करने वालों ने रोक दिया। इसी तरह बाल निकेतन और ब्रह्मस्थान स्थित पेट्रोल पंप के कर्मचारी ने बताया कि उनके पास भी एक दिन का पेट्रोल बचा है। वहीं, पेट्रोल पंप एसोसिएशन मऊ के अध्यक्ष गौरीशंकर त्रिपाठी ने बताया कि उनके पंप पर दो दिन का स्टाक है। अगर हड़ताल बढ़ती है, तो परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। चालकों की हड़ताल के मद्देनजर सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में बस यूनियन, ट्रक यूनियन, ऑटो और टैंपो यूनियन के पदाधिकारियों की बैठक हुई। इस मौके पर एआरटीओ सुहेल अहमद ने कहा कि अभी पब्लिक डोमेन में कोई कानून नहीं आया है और न लागू किया गया है। इसे लागू करने के लिए नियमावली बनाई जाएगी। अभी जो कानून हमारे ऊपर लागू नहीं किया गया, उसका विरोध ठीक नहीं है। उन्होंने सभी यूनियनों के पदाधिकारियों से अपील की वाहनों के संचालन में अपना सहयोग करें। जो वाहन स्वामी या यूनियन वाहन का संचालन कराना चाहते हैं, उन्हें प्रशासन का पूरा सहयोग मिलेगा।
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