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सहायक वित्त लेखाधिकारी से स्पष्टीकरण

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मऊ। जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में विभिन्न मदों के लिए शासन से बजट तो जारी कर दिया गया है, लेकिन व्यय 18 प्रतिशत ही हो सका है। कम व्यय करने पर राज्य परियोजना निदेशक ने सहायक एवं वित्त व लेखाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। केंद्र सरकार की तरफ से सर्व शिक्षा अभियान को बढ़ावा देने के लिए जिले में रतनपुरा, रानीपुर, कोपागंज, बड़रांव तथा मुहम्मदाबाद गोहना ब्लाक में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की स्थापना की गई है। इसमें कम से कम 75 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्गों की बालिकाओं के लिए आरक्षित है। जबकि 25 प्रतिशत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार की बालिकाओं के लिए रखी गई है। शासन की तरफ से 2022-23 में स्टाफ के लिए वेतन, भोजन सहित विभिन्न मदों में 126.68 लाख रुपया अवमुक्त किया गया है। लेकिन 30 जून 2022 तक सिर्फ 22.84 लाख खर्च किए गए। अधिकारियों की मानें तो रतनपुरा,, मुहम्मदाबादगोहना, कोपागंज विद्यालयों में सेफ्टी टैंक सहित अन्य कार्य कार्यदायी संस्था द्वारा कराए गए हैं। निरीक्षण में गुणवत्ता खराब मिली है। इसके चलते भुगतान नहीं किया गया है। राज्य परियोजना कार्यालय से जारी बजट के मुकाबले 50 प्रतिशत से कम बजट खर्च करने पर राज्य परियोजना निदेशक ने सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही प्रबंध पोर्टल पर सभी विवरण अपलोड करने का निर्देश दिया है। बेसिक शिक्षा विभाग के सहायक व वित्त लेखाधिकारी मनोज तिवारी ने बताया कि शासन से जारी नियम के तहत धन खर्च किया जाता है। रतनपुरा, मुहम्मदाबादगोहना, कोपागंज विद्यालयों में सेफ्टी टैंक निर्माण कार्य मानक के अनुसार नहीं किया गया है। इसके लिए नोटिस भी जारी किया गया है।
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