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मनमानी पर लगेगी लगाम, पकड़ी जाएगी लापरवाही

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नगर के दशई पोखरा स्थित ओवरहेड टैंक परिसर में खड़ी नगर पालिका परिषद की गाड़ियां।संवाद - फोटो : MAU
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मऊ। नगर पालिका अपने वाहनों को जीपीएस सिस्टम से लैस कर रही है। अधिकांश में यह सिस्टम इंस्टाल हो चुके हैं। ऐसा करने से सफाई कर्मियोें की मनमानी पर जहां लगाम लग सकेगी तो वहीं कार्य में हो रही लापरवाही भी पकड़ी जाएगी। उधर, जीपीएस सिस्टम के लगाए जाने से डोर टू डोर कचरा संग्रहित करने की शिकायत में भी 20 प्रतिशत की कमी आई है और सफाई व्यवस्था भी काफी हद तक सुधरी है। नगर पालिका ने सफाई व्यवस्था के साथ वाहनों का गलत प्रयोग करने और अपने वाहनों पर नजर रखने के उद्देश्य से 70 वाहनों में जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) लगा दिए हैं। इससे वाहनों के अवैध प्रयोग को रोका जा सकेगा और वाहन मौजूदा वक्त पर कहां है इसे ट्रेस भी किया जा सकेगा। इतना ही नहीं किसी क्षेत्र में यदि किसी वाहन की आवश्यकता होगी तो उसे जल्द वहां पहुंचाया जा सकेगा। जीपीएस इंस्टाल करने से किसी भी चीज की पोजीशन का सटीक ब्योरा मिलने के साथ सुबह तथा शाम के समय सफाई व्यवस्था को लेकर किए जाने वाले कार्यो पर बेहतर ढंग से एक साथ एक जगह से निगरानी रखी जा रही है। सफाई एवं खाद्य निरीक्षक सत्यप्रकाश ने बताया कि नगर के 42 वार्डो में प्रतिदिन 120 टन कचरा निकलता है। इसे संगहीत करने के लिए 706 सफाई कर्मचारियों के साथ 75 वाहनों का बेड़ा है। इसमें तीन ट्रक, पांच रिफ्युज कंपेक्टर वाहन, 15 ट्रैक्टर ट्राली, 35 छोटे डंपर प्लेसर शामिल हैं। बताया कि जीपीएस सिस्टम लगने से एक तो वाहनों की वास्तविक पोजीशन का हर वक्त रिकार्ड रखा जा सकेगा। इससे वाहन चालक बहाने भी नहीं बना सकेंगे। लॉग बुक में गलत एंट्री करने पर पकड़े जाने की संभावनाएं अधिक रहेंगी। नगर पालिका में एक महीने में करीब 25 लाख रुपए के डीजल की खपत होती है। ऐसे में फर्जीवाड़ा कर डीजल नहीं लिया जा सकेगा। नगर पालिका ने गाजियाबाद की एक कंपनी से जीपीएस का करार किया है। 70 वाहनों में जीपीएस लगा कर इसे पालिका कार्यालय के कम्प्यूटर मॉनीटर के अलावा एक एप पर जोड़ा गया है। इससे वाहनों की लोकेशन अधिकारी कार्यालय में बैठे-बैठे देख रहे हैं। वह यह भी जान रहे हैं कि किस वाहन ने कितने चक्कर लगाए हैं और किस रूट से वाहन डंपिंग ग्राउंड तक पहुंच रहे हैं।
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