मऊ। जनपद में प्रचलित भू-संपत्तियों की प्रभावी दरों को लेकर छाए संशय के बादल छट गए हैं। अब भूमि एवं भवनों की सर्किल दरें पूर्व की ही भांति रहेगी। इसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। यह पहली जनवरी 2016 से लागू वर्तमान प्रचलित सूची आगे भी प्रभावी रहेगी।
जिलाधिकारी ऋषिरेंद्र ने बताया है कि एक नवंबर 2016 से प्रभावी भूमि की दरों, गैर वाणिज्यिक भवनों के निर्माण की दरों तथा वाणिज्यिक परिसम्पत्तियों के मूल्यांकन और पुनरीक्षण किया जाना है। इस क्रम में जनपद के चारों तहसीलों की निर्धारित दरों का व्यापक सर्वेक्षण उप निबन्धकों एवं तहसीलदार के साथ संयुक्त रूप से कराया गया। तहसीलदारों और उपनिबंधकों द्वारा उपलब्ध कराई गई आख्या का परीक्षण सहायक आयुक्त स्टाम्प एवं अपर जिलाधिकारी द्वारा किया गया है। जिसके फलस्वरूप वर्तमान में जनपद में प्रचलित भू-संपत्तियों की प्रभावी दरें बाजार मूल्य के बराबर पाई गई हैं। ऐसी स्थिति में वर्तमान प्रचलित मूल्यांकन सूची के अनुसार प्रभावी दरों को पुनरीक्षित किये जाने का कोई औचित्य नहीं है। इसलिए पहली जनवरी 2016 से लागू वर्तमान प्रचलित सूची आगे भी प्रभावी रहेगी।