क्रिसमस पर्व को लेकर ईसाई धर्मावलंबियों में उत्साह का माहौल है। पर्व को यादगार बनाने के लिए सुबह से अपने तरीके से योजना बनाने में लगे रहे। आधी रात को प्रभु ईसामसीह के जन्म लेते ही लोग खुशी से झूम उठे। लोगों ने चर्च में प्रार्थना कर जश्न मनाया। साथ ही एक दूसरे को क्रिसमस की शुभकामनाएं दी।
क्रिसमस पर्व के मद्देनजर ईसाई बंधु घरों, प्रतिष्ठानों, चर्च को सजाने में लगे रहे। भगवान ईशु का जन्म होते ही ईसाई समुदाय के लोग पूरी रात जश्न में डूबे रहे। लोगों ने अपने प्रियजनों को आकर्षक उपहार देकर एक दूसरे को बधाई दी। बधाई देने का सिलसिला सुबह तक चलता रहा।
मोबाइल नेटवर्क भी व्यस्त रहा। मोबाइल, फेसबुक, वाट्सएप सहित अत्याधुनिक संचार माध्यमों से अपने प्रियजनों को क्रिसमस की शुभकामनाएं दी। इस संबंध में नगर के चंद्रा पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य केसी पीटर, सविजा पीटर ने कहा कि आज से 2010 वर्ष पूर्व बेतलेहम के गोशाले में जन्मे प्रभु यीशु के जन्मोत्सव के रूप में मनाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु का जन्म मानव जाति के उत्थान के लिए हुआ था।
ऐसे में क्रिसमस पर्व पर हम सभी को प्रभु यीशु के सिद्घांतों को अपनाते हुए दूसरों की मदद करने का संकल्प लेना चाहिए। इसी क्रम में फातिमा स्कूल की प्रधानाचार्य सिस्टर पोोहिना ने कहा कि क्रिसमस पर्व हम सभी के लिए खुशियां लेकर आता है। क्रिसमस का दिन विश्व में प्रभु ईसा का शुभ संदेश लेकर आता है।
क्रिसमस पर्व पर समाज के बेसहारों, दुखियों, पीड़ितों और निर्धनों के प्रति दिलचस्पी दिखाकर नयी मानवता और समाज का निर्माण करने की आवश्यकता है। इसी प्रकार कृष जोोशुआ ने कहा कि क्रिसमस आनंद और खुशी बांटने का त्यौहार है। मानव जाति के प्रति ईश्वरीय प्रेम का एक समारोह है।