सिद्धिदात्री परिवार के तत्वावधान में चैत्र नवरात्र के अंतिम दिन कायस्थ टोला स्थित दुर्गा मंदिर में भगवती जागरण का आयोजन किया गया।
भक्तिगीत कलाकारों की भक्तिगीतों पर भक्त झूमते रहे। इस दौरान देवी दुर्गा के रूपों और लीलाओं की झांकी भी प्रस्तुत की गई। देवी के विभिन्न रूपों का लोगों ने दर्शन कर खुद को धन्य बनाया।
नवरात्र के अवसर पर पूरे नौ दिन कायस्थ टोला स्थित दुर्गा मंदिर पर कस्बे सहित दूर दराज से आए भक्त विधि विधान से पूजन अर्चन कर मन्नत मांगते हैं। नवरात्र के अंतिम दिन देवी जागरण का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि उमेश चंद गुप्त ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। कलाकार राजेंद्र सिंह, विनीत शास्वत ने ‘जय अंबे गौरी जय श्यामा गौरी ...’ , ‘सजा परिवार है देखो शेरा वाली का ’, ‘राम जी की निकली सवारी’ पेश कर खूब वाहवाही लूटी।
पंडाल में बैठे श्रोता भक्ति गीत पर ताली बजाकर-बजाकर गाते रहे। वहीं, इलाहाबाद से आईं श्रद्धा मल्होत्रा ने ‘फूलों से सजाया है दरबार मेरी मइया’, ‘नाहीं खाई खोवा नाहीं खाई मिश्री मलाई’, ‘हे गनेश के मम्मी तनी पाव भर भांग पिला द न’ , ‘मैं क्यूं न नाचू आज मैया जी मेरे घर में आई हैं’, ‘मेरी लहर-लहर लहराई मेरी मां की चुनरिया’
की प्रस्तुति कर लोगों को नृत्य करने पर विवश कर दिया। इसी क्रम में पूजा ने ‘आ जाओ लक्ष्मी मैया जी मेरे मकान में तेरी पायल छन-छन बाजे सारे जहान में’ पेश किया।
इस बीच गणपति बप्पा मोरया की झांकी तथा पांच वर्ष की बच्ची भूख से तड़पती मैया जी मुझे रोटी दे दो की प्रस्तुति पर लोग भावविभोर हो गए।