पिता ने बताया कि जिला अस्पताल में सोमवार की शाम को भर्ती कराने के बाद चिकित्सक ने कहा था कि बच्ची सही है। पिता ने कहा कि अगर उसी समय चिकित्सक बता देते कि किसी दूसरे अस्पताल ले जाइए तो मैं उसी समय बच्ची को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया तो मेरी बेटी की जान बच गई होती।
परिजनो ने बच्ची की मौत के बाद जिला अस्पताल में चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह समझाकर मामला शांत कराया। सरायलखंसी थानाध्यक्ष घनश्याम यादव ने बताया कि शव परिजन को समझाकर मामला शांत कराने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अस्पताल में शांति व्यवस्था कायम है।
बच्ची करीब 80 फीसदी जल गई थी। उपचार के दौरान बच्ची की मौत हो गई है। चिकित्सक उपचार के लिए जो भी जरूरी दवा था, सभी बच्ची को दिए थे। सब कुछ आन पेपर है।
-डॉ. सीसी आर्या, प्रभारी सीएमएस जिला अस्पताल