बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पर धरना देकर केंद्र सरकार और प्रदेश के विरुद्ध जमकर हमला बोला। दोनों सरकारों को जनविरोधी बताते हुए जनता को सावधान रहने को कहा।
कहा कि केंद्र की भाजपा और प्रदेश की सपा सरकार में न तो किसानाें का हित सुरक्षित है और न ही बुनकर, नौजवानों का। कहा कि भूमि अधिग्रहण बिल किसानों के हित में नहीं है। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जोनल कोआर्डिनेटर सीताराम भारती ने केंद्र सरकार का भूमि अधिग्रहण बिल किसान विरोधी है। कहा कि बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि से किसानाें की फसल बर्बाद हो गई है।
कर्ज लेने वाले किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं। बावजूद इसके न तो अभी तक प्रधानमंत्री और न ही मुख्यमंत्री इसे लेकर गंभीर हुए हैं। कहा कि किसानों का कर्ज माफ होना चाहिए।
मधुबन विधानसभा क्षेत्र के विधायक उमेशचंद पांडेय ने कहा कि प्रदेश सरकार सरकार बनने के बाद से ही बदले की भावना से कार्य कर रही है। बसपा सरकार में बने कांशीराम आवास कालोनियों में बिजली काट दी गई है।
इसके चलते गरीब, बेसहारा लोगों के सामने संकट की स्थिति पैदा हो गई है। कहा कि बसपा सरकार में कांशीराम आवास कालोनियों में मुफ्त आवास, बिजली, पानी की व्यवस्था की गई थी लेकिन सपा सरकार में इन सुविधाओं से लोगों को वंचित कर दिया गया।
पूर्व विधायक राजेंद्र कुमार ने कहा कि प्रदेश की सपा सरकार में अधिकारी और कर्मचारी बेलगाम हो गए हैं। पेंशन से लेकर हर योजनाओं में लूट खसोट मची हुई है। गरीबों को उनके हक से वंचित कर दिया जा रहा है।
भीम राजभर ने कहा कि प्रदेश सरकार के कृत्यों से जनता ऊब चुकी है। वह 2017 के चुनाव का इंतजार कर रही है। समय आने पर जनता सपा सरकार को खुद सबब सिखाएगी।
जनता फिर से बसपा के सुशासन को याद कर रही है। वसीम खान ने कहा कि 2017 में फिर से बहुजन समाज पार्टी की सरकार बनेगी। जिलाध्यक्ष डा. जयेंद्र कुमार ने कहा कि बसपा केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों के विरुद्ध आंदोलन के माध्यम से लोगों को जागरूक करेगी।
कार्यक्रम को जोनल कोआर्डिनेटर श्यामसुंदर चौहान, संजय सागर, मिट्ठू राजभर, देवेंद्र चौहान आदि ने संबोधित किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस अवसर पर मुख्य रूप से मिठाईलाल गौतम, हरिनाथ प्रसाद, मदन प्रसाद, सुभाषचंद, लल्लन प्रसाद, राजीव कुमार, ललित कुमार, धर्मराज आदि उपस्थित रहे।