केंद्र और यूपी सरकार दोनों जनाकांक्षाओं पर खरी नहीं उतरी हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी द्वारा की गई घोषणाएं और वादे झूठ के पुलिंदे साबित हो रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम पदार्थों के दाम घटने के बाद डीजल के दामों में गिरावट तो आ रही है लेकिन जिंसों के मूल्य में कोई कमी नहीं होते दिख रही है। इससे आम उपभोक्ताओं को कोई राहत नहीं मिल रही है।
सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 60 से घटाकर 58 करने की केंद्र की योजना है। केंद्र सरकार सरकारी प्रतिष्ठानों में ठेकेदारी प्रथा लागू कर निजीकरण को बढ़ावा दे रही है।
यह बातें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने बुधवार को जिला मुख्यालय स्थित राजीव गांधी महिला महाविद्यालय परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।
रीता मऊ में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने आई थीं। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान मोदी ने देश की जनता से वादा किया था कि सत्ता में आने पर वे विदेशों में जमा 50 लाख करोड़ रुपये काला धन 100 दिन के अंदर वापस लाएंगे।
अब उनके वित्त मंत्री कह रहे हैं कि महज पौने दौ सौ विदेशी बैंक खातों में भारतीयों के साढ़े चार हजार करोड़ रुपये ही जमा हैं। महंगाई पर अंकुश लगाने में विफल करार देते हुए उन्होंने केंद्र सरकार को घेरा।
कहा कि सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 60 से घटाकर 58 करने की केंद्र की योजना है। केंद्र सरकार सरकारी प्रतिष्ठानों में ठेकेदारी प्रथा लागू कर निजीकरण को बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने सवाल किया कि गिरती कीमतों के चलते जब पूरे विश्व में डीजल और पेट्रोल की मूल्यों में 50 फीसदी तक कमी आई है तो उसके सापेक्ष अपने देश में तो बहुत मामूली कमी की गई है।
फिर भी भाजपा नेता जनता को गुमराह करते हुए डीजल और पेट्रोल के दामों में कमी का श्रेय मोदी सरकार को दे रहे रहे हैं। घर वापसी के नाम पर जबरन धर्म परिवर्तन को उन्होंने संघ के द्वारा प्रायोजित बताया।
उन्होंने कहा कि इससे देश में सामाजिक समरसता बिगड़ेगी। कहा कि दिल्ली में महिलाएं आज भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी और उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए सड़क पर उतरेगी।
प्रदेश सरकार को कानून व्यवस्था, किसानों की समस्याओं, धान खरीद , गन्ना मूल्य निर्धारण , छात्रवृत्ति , बीमारी और शादी अनुदान योजना, कन्या विद्या धन योजना सहित विभिन्न मुद्दों पर फेल बताया।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने स्वीकार किया कि मऊ में पार्टी में गुटबाजी है, साथ ही यह भी कहा कि इतना तो सभी दलों में चलता है।