मऊ। असत्य पर सत्य की विजय का पर्व विजयदशमी परंपरागत और हर्षोल्लासपूर्वक नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में मनाया गया। इस मौके पर पर्व के मुताबिक होने वाली रामलीला में रावण वध की लीला का मंचन नगर के दशई पोखरा पर किया गया। यहां पर चालीस फीट ऊंचा रावण दहन किया गया। इसके अलावा अन्य स्थनों पर भी पर मेला का आयोजन किया गया। इस बीच जमकर हुई आतिशबाजी और जयकारे से समूचा मेला स्थल गूंज उठा। विजयादशर्मी पर्व के विषय में मान्यता है कि अश्वनी मास की दशमी को ही भगवान राम ने अहंकारी रावण का वध किया था। एक अन्य मान्यता यह भी है कि देवी दुर्गा ने महिषासुर राक्षस पर विजय प्राप्त किया था। इस तरह इस पर्व को मनाए जाने के मामले में प्रचलित मान्यताओं के आधार पर विजयादशमी पर्व को असत्य पर सत्य की विजय के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। श्री रामलीला मेला समिति की ओर से राम-रावण युद्घ की लीला का मंचन किया गया। बाद में रावण वध के लीला के तहत रावण के पुतला का दहन किया गया। इस बीच जमकर आतिशबाजी और जयकारे से वातावरण गूंज उठा। उधर मेले में सजी खिलौने,मिठाइयों सहित अन्य दूकानों पर खरीदारों की जबरदस्त भीड़ देखी गई। मेले में भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक बंदोबस्त किए गए थे।
रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में विजयादशमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। रतनपुरा बाजार स्थित दुर्गा पूजा पंडालों में विजय दशमी के अवसर पर जबरदस्त भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने विधि विधान से पूजन अर्चन किया। देर रात तक चहल पहल रही क्षेत्र के डीह तिलक स्थित महराज जी की कुटी पर विजयादशमी पर मेला का आयोजन किया गया। रावण के पुतला का दहन किया गया। मेले में लोगों ने जमकर खरीदारी की। मझवारा संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के बरौली, लखनी मुबारकपुर सहित विभिन्न इलाकों में विजयादशमी के अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में मेला का आयोजन किया गया। रावण के पुतले का दहन किया गया। मेले में बच्चों ने झूले और मिठाइयों तथा चटपटी वस्तुओं का जमकर आनंद लिया। पिपरीडीह संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में दशहरा का पर्व हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। दोहरीघाट संवाददाता के अनुसार दोहरीघाट कस्बा सहित क्षेत्र में दुर्गा पूजा और हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। कुसुम्हा संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। गोंठा में रामलीला समिति के तत्वावधान में राम रावण युद्घ का मंचन किया गया। अत्याचारी रावण का अंत होते ही दर्शकों के जयघोष से वातावरण गूंज उठा। लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। बुराइयों के प्रतीक रावण के पुतले का दहन किया गया। इस अवसर पर लगे मेेले में मिठाइयों सहित अन्य जरूरी सामानों की जमकर खरीदारी की गई। बच्चों ने बढ़चढ़कर भाग लिया। रानीपुर संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में दशहरा का पर्व धूमधाम से मनाया गया।
अमिला संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। श्री ठाकुरद्वारा रामलीला समिति के तत्वावधान में राम रावण युद्ध का मंचन किया गया। रावण का अंत होते ही जयश्रीराम के उद्घोष से मेला परिसर जयकारे से गूंज उठा। अंत में विशाल रावण के पुतला का दहन किया गया।
सूरजपुर संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। क्षेत्र के रसूलपुर मे दुर्गा पूजा समिति के तत्वावधान में रावण के पुतले का दहन किया गया। मेले में लोगों ने झूले और मिठाइयों तथा अन्य सामानों की जमकर खरीदारी की।
घोसी संवाददाता के अनुसार कस्बा सहित क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। घोसी नगर के मझवारा मोड़ के रामलीला मैदान में शनिवार को श्रीराम रावण युद्ध सहित विभिन्न लीलाओं का सजीव मंचन किया गया।अंत में श्रीराम द्वारा रावण वध के बाद समाप्त हुआ।रावण का अंत होते ही श्रद्धालुओं के जयश्रीराम के गूंज से पंडाल गूंज उठा।