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ग्रामीणों ने की बैंक में तालाबंदी

Wed, 14 Dec 2016 10:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,मऊ
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बैंक में कैश न होने पर रोहतक में विरोध प्रदर्शन करते लोग
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नोट बंदी के भले ही 36 दिन बीत चुके हैं, लेकिन बैंकों में भीड़ कम नहीं हुई है। रुपया न मिलने से लोगों की दुश्वारियां बढ़ती ही जा रही हैं। लाइन एटीएम की हो या फिर बैंक से रुपया पाने के लिए चेक और विड्राल फार्म भरने वालों की। दिन भर लाइन में लगने के बाद खाताधारकों के हाथ मायूसी ही लग रही है। इससे नाराज भीड़ चक्का जाम करने के साथ बैंकों में ताला बंदी कर रही है।
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  सरायखंसी थाना क्षेत्र के पिपरीडीह बाजार स्थित काशी गोमती संयुक्त क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में बीते कई दिनों से कैश नहीं है। रोज की भांति बुधवार को खाताधारक रुपया पाने की चाहत में सुबह ही बैंक पहुंच गए। इस दौरान दस बजे तक खाताधारकों की लंबी कतार लग गई। बैंक पर पहुंचे मैनेजर और अन्य कर्मचारियों ने लोगों को बताया कि लाइन में न लगें, क्योंकि रुपया नहीं है। यह सुनकर जनता हंगामा करने लगी। साथ ही प्रबंधक प्रदीप  सिंह का घेराव किया। प्रबंधक के लाख प्रयास करने के बावजूद लोगों ने उन्हें बैंक नहीं खोलने दिया। परिणामस्वरुप बैंक के स्टाफ वापस चले गए। प्रबंधक प्रदीप सिंह ने बताया कि इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।
हलधरपुर संवाददाता के अनुसार रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के बिलैझा स्थिति पूर्वांचल बैंक में बुधवार को कैश नही पहुंचा। इस दौरान सुबह से लाइन में लगे लोगों को सुबह दस बजे इसकी जानकारी हुई तो वे भड़क गए। इस दौरान खाताधारकों ने बिलौझा बाजार में रतनपुरा-भीमपुरा मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम लगने से वाहनों की लंबी लाइन लग गई थी। दोपहर 12 बजे हलधरपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया-बुझाया। साथ ही बैंक प्रबंधक से वार्ता कर जनता को गुरुवार से रुपया मिलने का आश्वासन दिया। इसके बाद जाम समाप्त हुआ। इस दौरान नाराज भीड़ ने बैंक के गेट में तालाबंदी भी किया। जाम करने वालों में पुरुषों के संग महिलाएं भी शामिल थी।
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उधर बोझी बाजार के विकास खंड बडरांव गांव स्थित रजपुरा गांव स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखा के प्रबंधक को बुधवार की सुबह ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। ग्रामीणों का आरोप था कि प्रबंधक अपने चहेतों को रुपये दे रहे हैं, जबकि कतार में लगे ग्रामीणों और किसानों को सुविधा मुहैया नहीं करा पा रहे हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर दो घंटे बाद जाम समाप्त कराया। इस दौरान प्रबंधक ने गुरुवार को रुपया मुहैया कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद बैंक का शटर खुला और कर्मचारी बाहर निकल सके।
बुधवार की सुबह से लाइन लगाकर खडे़ खाताधारकों को सुबह दस बजे बैंक पहुंचे प्रबंधक ने जैसे ही बताया कि रुपया नहीं है, लाइन में लगें खाताधारकों का गुस्सा फूट पड़ा। इस दौरान भीड़ शाखा प्रबंधक और अन्य कर्मचारियों को बैंक के अंदर जाने पर बाहर से शटर बंद कर दिया। साथ ही घोसी-मुहम्मदाबाद गोहना मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया।

प्रदर्शन करने वाले जवाहर, राजन, रानी गुप्ता ने प्रबंधक पर आरोप लगाया कि कर्मचारी अपने चहेतों को मोबाइल पर कमीशन की बात तय कर रकम मुहैया करा दें रहें हैं। वहीं गरीब किसान, मजदूर सुबह से लाइन में लगाने के बाद शाम को खाली हाथ घर लौट रहे हैं। प्रदर्शनकारी रघुवीर, विजय, शंकर, अविनाश ने आरोप लगाया कि बैंक के अंदर नहीं मिलते, वे हमेशा चक्रमण करते रहते हैं। इसी क्रम में राजिया, अस्मत, रेयाजुददीन ने मांग की कि बैंक की रिकार्डिंग को खंगाला जाए तो कर्मचारियों के पोल खुल जाएंगे। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने जाम कर्ताओं को समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया।
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